टीआरपी डेस्क: एक हालिया स्टडी के अनुसार, भारत के 56% शहरी परिवार महीने में तीन या अधिक बार केक, बिस्किट, चॉकलेट और आइसक्रीम जैसी चीजें खाते हैं, जिनमें 18% परिवार रोजाना ऐसी चीजों का सेवन करते हैं। स्टडी में शामिल 55% लोगों ने कहा कि वे चीनी पूरी तरह बंद नहीं कर सकते, लेकिन कम चीनी वाली चीजें पसंद करते हैं।
चीनी से परहेज क्यों जरूरी?
ऐडेड शुगर (व्हाइट शुगर, ब्राउन शुगर, शहद, गुड़, बिस्किट, केक, सॉफ्ट ड्रिंक) का अधिक सेवन खतरनाक है। स्टडी के मुताबिक, यह टाइप-2 डायबिटीज, इंसुलिन प्रतिरोध, मोटापा, नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर, हृदय रोग और दांतों की सड़न का खतरा बढ़ाता है। 2023 की ‘लैंसेट’ स्टडी के मुताबिक, भारत में 10.1 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं, जिसमें गोवा (26.4%), पुडुचेरी (26.3%) और केरल (25.5%) में सबसे ज्यादा मामले हैं।
प्राकृतिक शुगर सुरक्षित
फल, सब्जियां, अनाज और डेयरी में प्राकृतिक रूप से मौजूद शुगर सेहत के लिए फायदेमंद है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अनुसार, ये खाद्य पदार्थ फाइबर, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो धीरे-धीरे पचते हैं और बिना उतार-चढ़ाव के ऊर्जा प्रदान करते हैं। इनके सेवन से डायबिटीज और हृदय रोग का खतरा कम होता है। यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ के मुताबिक, शरीर कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट से ग्लूकोज बनाता है, इसलिए अतिरिक्त ग्लूकोज की जरूरत नहीं।
चीनी कम करने के फायदे और चुनौतियां
ऐडेड शुगर कम करने से वजन नियंत्रण, दांतों का स्वास्थ्य और समग्र सेहत में सुधार होता है। हालांकि, शुरू में सिरदर्द, थकान या मूड स्विंग हो सकते हैं। यह समस्या उन लोगों में ज्यादा होती है जो पहले अत्यधिक चीनी लेते थे, जैसे कॉफी में 4-6 चम्मच चीनी डालने वाले। सामान्य तौर पर, चीनी कम करना आसान और फायदेमंद है। लोगों में चीनी की मात्रा को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली के लिए ऐडेड शुगर से परहेज और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों पर ध्यान देना जरूरी है।
ऐडेड शुगर की मात्रा 10 प्रतिशत से ज्यादा न हो
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़ आपकी डेली कैलोरी में ऐडेड शुगर की मात्रा 10 प्रतिशत से ज्यादा न हो। अगर आप 5 प्रतिशत तक की कमी लाते हैं, इसका आपको फायदा भी मिलेगा। यूके की नेशनल हेल्थ सर्विस के मुताबिक, वयस्कों को डेली 30 ग्राम से ज्यादा ऐडेड शुगर का सेवन नहीं करना चाहिए। 7 से 10 साल की उम्र के बच्चों को रोज़ाना 24 ग्राम से अधिक ऐडेड शुगर का सेवन नहीं करना चाहिए। 4 से 6 साल की उम्र के बच्चों को रोज़ाना 19 ग्राम से अधिक ऐडेड शुगर का सेवन नहीं करना चाहिए। 2 से 3 साल की उम्र के बच्चों को रोज़ाना 14 ग्राम से अधिक ऐडेड शुगर का सेवन नहीं करना चाहिए।



