राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां अटल आवास कॉलोनी की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला ने अपने ही दिव्यांग बेटे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
राजनांदगांव के अटल आवास कॉलोनी पेण्ड्री में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सभी को झकझोर दिया। यहां एक मां ने अपने ही दिव्यांग बेटे को आग के हवाले कर दिया। बेटे की इलाज के दौरान मौत हो गई और अब मां जेल की सलाखों के पीछे है।
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक विरेन्द्र साहू (Virendra Sahu) अपने परिवार के साथ अटल आवास कॉलोनी में रहता था। 22 सितंबर की सुबह उसका अपनी मां सुहागा बाई साहू से विवाद हुआ। बताया जाता है कि लगातार शराब पीने और गाली-गलौच करने से परेशान होकर मां ने यह खौफनाक कदम उठाया।
पेट्रोल डालकर लगाई आग
सुबह लगभग 9:45 बजे जब विरेन्द्र की पत्नी हिना बच्चों को स्कूल छोड़ने गई हुई थी, तभी मां सुहागा बाई ने अपने ही बेटे पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी और कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। वीरेंद्र चीखता चिल्लाता रहा।
इधर पड़ोसियों की आवाज सुनकर हिना घर लौटी और पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। इसके बाद एम्बुलेंस से गंभीर हालत में विरेन्द्र को शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया।
डॉक्टरों ने काफी प्रयास किया लेकिन बुरी तरह झुलसने के कारण विरेन्द्र ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस घटना की सूचना मिलते ही थाना लालबाग पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
महिला को किया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी राजेश साहू ने टीम के साथ फरार मां की तलाश शुरू की। आरोपी सुहागा बाई साहू को गांधी चौक स्थित अपनी बहन-दमाद के घर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार करते हुए कहा कि उसका बेटा नशे और गाली-गलौज से कई वर्षों से परिवार को परेशान कर रहा था। जिसके चलते उसने यह कदम उठाया।



