टीआरपी। CM sir, visited the market : पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी की दरों में छूट देने की घोषणा की है। इससे आम लोगों को राहत तो मिली है, लेकिन यह राहत नाम मात्र की है, इससे लोगों में उतनी खुशी नहीं है, जितना दुख बिजली बिल में छूट के लिए यूनिट की क्षमता को कम कर देने का है। जीएसटी में छूट की घोषणा के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी की मुख्य सड़कों पर पैदल भ्रमण करने निकले और व्यापारियों, ग्राहकों से रू-ब-रू हुए। मुख्यमंत्री ने यह जानने की कोशिश की कि जीएसटी में मिली छूट से लोगों को कितना लाभ हुआ। अब, किसे कितना लाभ होगा, यह तो वक्त ही बताएगा। लेकिन, कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के मार्केट दौरे पर चुटकी लेनी शुरू कर दी है। कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री महोदय ने मार्केट में घूमकर जीएसटी छूट से होने वाले फायदे की जानकारी तो ली है, लेकिन बिजली बिल से जो कमर टूटी है, उसकी जानकारी भी घर-घर जाकर ली जाए तब पता चलेगा कि आम आदमी का क्या हाल हो रहा है।
आठ साल से जीएसटी की लूट
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा बाजारों में घूमकर जनता से जीएसटी राहत पर कितना फायदा हुआ पूछना बेशर्मी की पराकाष्ठा है। आठ साल तक बेतहाशा जीएसटी लगाकर जनता को लूटा गया। आंकड़े बताते है कि जिस व्यक्ति ने सालाना 3 लाख रुपए खर्च किया है, उसमें मोदी सरकार ने 50 हजार रुपए से अधिक जीएसटी के रूप में वसूल किया है।
हिम्मत है तो घर-घर जाकर बिजली बिल का पूछे
कांग्रेसी नेता शुक्ला का कहना है कि कांग्रेस सरकार ने 400 यूनिट तक बिजली बिल में हाफ छूट की सुविधा दी थी। इस सुविधा को भाजपा की वर्तमान सरकार ने लगभग खत्म कर दी है। सरकार ने 100 यूनिट से अधिक बिजली खपत होने पर छूट को समाप्त कर दिया है। कुछ ही लोग हैं जिनके घर 100 यूनिट तक खपत होती है। ज्यादातर घरों में 100 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत होती है। एक तरह से छूट को खत्म कर दिया है। इसी का नतीजा है कि सितंबर माह में बिजली बिल दुगना से अधिक आया है। अब हिम्मत है तो भारतीय जनता पार्टी के नेता घर-घर जाकर जनता से पूछने का साहस दिखाए कि बढ़े हुए बिजली बिल के कारण जनता का कितना नुकसान हुआ है? सरकार ने जीएसटी छूट के जो फायदे बताए हैं, उसके अनुसार एक मध्यमवर्गीय परिवार को 100 से 150 रुपए का फायदा मिलेगा। लेकिन, बिजली बिल में एक मध्यम वर्गीय परिवार को औसतन 1000 से 1800 तक महीने का नुकसान हुआ है।
जीएसटी के नाम पर उत्सव ढोंग
कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि मोदी सरकार ने जीएसटी के नाम पर पिछले आठ सालों में देश की जनता से 55 लाख करोड़ की लूट की है। अब भी जीएसटी की पांच दरें है। दो, तीन, पांच, अठारह एवं चालीस प्रतिशत 12 एवं 28 प्रतिशत को हटा कर 40 प्रतिशत कर दिया गया है जो अव्यवहारिक है। जनता कभी नहीं भूलेगी कि उनके दाल, चावल, अनाज, पेंसिल, किताबें, इलाज, किसानों के ट्रैक्टर पर सबसे ज्यादा कर वसूला गया था। सरकार का जीएसटी के नाम पर बचत उत्सव मात्र ढोंग है इसकी जगह मोदी सरकार को माफी उत्सव मनाना चाहिए।


