टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ के चर्चित 570 करोड़ रुपए के कोल लेवी घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ा कदम उठाया है। ईडी ने राज्य सरकार और आर्थिक अपराध शाखा को पत्र लिखकर 10 वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की सिफारिश की है। इस मामले रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा है कि भ्रष्ट अधिकारियों को हमारी सरकार नहीं छोड़ेगी।
ईडी के अनुसार, कोयला परिवहन पर लगने वाली लेवी में सुनियोजित हेरफेर किया गया। ऑनलाइन परमिट सिस्टम को जानबूझकर ऑफलाइन किया गया ताकि अवैध वसूली आसान हो सके। इस अवैध तंत्र से राज्य सरकार को 570 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचा और कुछ चुनिंदा अधिकारी व कारोबारी लाभान्वित हुए।
इस मामले में सौम्या चौरसिया, रानू साहू, समीर विश्नोई और अनिल टूटेजा जैसे अफसर गिरफ्तार हो चुके हैं। कारोबारी सूर्यकांत तिवारी भी प्रमुख आरोपी हैं। कई आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, जबकि जांच अभी भी जारी है।



