रायपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल पर प्रदेश में 7 नए जिलों में केंद्रीय विद्यालय खोलने की योजना बन रही है। यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

लोक शिक्षण संचालनालय ने संबंधित जिलों के कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि वे केंद्रीय विद्यालय खोलने के संबंध में आवश्यक प्रस्ताव और अभिमत जल्द भेजें। इन प्रस्तावों में सभी नियमों और दिशानिर्देशों का पालन किया जाना अनिवार्य है।

इन जिलों में खुल सकते हैं नए स्कूल

  • बालोद
  • बलौदाबाजार
  • बलरामपुर
  • गरियाबंद
  • गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
  • सारंगढ़-बिलाईगढ़
  • मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी

इन जिलों में केंद्रीय विद्यालय खोलने का उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर प्रदान करना है। शिक्षा विभाग ने साथ ही प्रदेश के अन्य स्कूलों को मॉडल स्कूल में बदलने की भी कवायद शुरू कर दी है, ताकि आधुनिक शिक्षा सुविधाओं के साथ छात्रों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।

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पिछली समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर दिया था। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्कूलों की गुणवत्ता सुधार, नए विद्यालय खोलने और बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए सक्रिय कदम उठाएं।

शिक्षा विभाग ने केंद्रीय विद्यालय खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद राज्य शासन मानव संसाधन मंत्रालय के साथ समन्वय कर संबंधित जिलों में केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।

इसके साथ ही कुछ जिलों में नवोदय विद्यालय खोलने पर भी विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के बच्चों को भी उच्च स्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराना है।