महासमुंद | जिले में शनिवार रात नेशनल हाइवे-353 पर हुआ कथित सड़क हादसा अब एक दिल दहला देने वाले डबल मर्डर केस में तब्दील हो गया है। प्रारंभिक जांच में जिसे पुलिस महज लापरवाही से हुई दुर्घटना मान रही थी, वह अब एक सोचीसमझी साजिशन हत्या साबित हो रही है।

यह घटना महासमुंद सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के साराडीह मोड़ के पास की है, जहां शनिवार रात करीब आठ बजे एक तेज़ रफ्तार टाटा सफारी (CG 04 QH 5836) ने स्कूटी सवार दो लोगों को बेरहमी से कुचल दिया। स्कूटी पर सवार थे—महासमुंद जनपद पंचायत की उपाध्यक्ष के पति जितेंद्र चंद्राकर (46) और उनके साथी अशोक साहू, दोनों की मौत से पूरे क्षेत्र में मातम छा गया।

कड़ाई से पूछताछ में हुआ खुलासा

इस घटना के बाद पुलिस ने जब वाहन चालक अमन अग्रवाल से पूछताछ की, तो वह इसे महज लापरवाही से दुर्घटना होना बता रहा था मगर जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई तो हैरान कर देने वाला सच सामने आया।

जितेंद्र ने अमन को मारा था थप्पड़

मामले में पूछताछ के बाद पुलिस बताया कि बेलसोंड़ा गांव के पास नेशनल हाईवे-353 से थोड़ी ही दूरी पर जितेंद्र चंद्राकर की फ्लाई ब्रिक्स फैक्ट्री है। वहीं महासमुंद हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी आरोपी अमन अग्रवाल की जितेंद्र की फैक्ट्री के पास जमीन है। लगभग पांच साल पहले, दोनों के बीच रास्ते को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें जितेंद्र ने अमन को थप्पड़ भी मारा था। तब से अमन ने बदला लेने की ठानी थी।

See also  छत्तीसगढ़ में एपीएल कार्डधारियों को जून से मिलेगा 10 रुपए प्रति किलो नमक, अधिकतम 2 किलो की सीमा

वह कई दिनों से जितेंद्र का पीछा कर रहा था। जितेंद्र किस समय कहा जाता है, कहा बैठता है, लंबे समय से आरोपी फॉलो करता आ रहा था और प्लानिंग कर रखा था कि समय आने पर जितेंद्र को सबक सिखाएगा।

वही मौका शनिवार की रात मिल गया। जितेंद्र अपने साथी अशोक के साथ स्कूटी से महासमुंद से गांव बेलसोंडा जा रहा था। प्लानिंग के तहत आरोपी अमन पहले से खरोरा मेडिकल कॉलेज के पास जितेंद्र का इंतजार कर रहा था। जितेंद्र ने जैसे ही मेडिकल कॉलेज क्रॉस किया तो उसने उसका पीछा शुरू किया।

इसी दौरान साराडीह मोड़ के पास अमन ने अपनी टाटा सफारी से जितेंद्र की स्कूटी को जोर से टक्कर मार दी। इस टक्कर में जितेंद्र और उसके साथ मौजूद अशोक साहू सड़क पर गिर पड़े और बुरी तरह घायल हो गए।

साराडीह मोड़ के पास आरोपी ने अमन ने जानबूझकर अपनी गाड़ी से जितेंद्र चंद्राकर और अशोक साहू को कुचल दिया।

See also  अब राइस मिलर छत्तीसगढ़ ने पीयूष गोयल को लिखा खत… कहा रोशन चंद्राकर एक दलाल है… एसोसिएशन के लेटर पैड हुआ दुरुपयोग

वहीं आरोपी अमन स्कूटी को टक्कर मारने के बाद उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ, उसने कार से जितेंद्र को रौंद दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद अमन अपनी गाड़ी वहीं छोड़कर भाग गया और पुलिस को हादसे की सूचना देने के लिए थाने पहुंच गया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि “पूरी वारदात दुर्घटना नहीं बल्कि जानबूझकर किया गया अपराध प्रतीत होता है। सभी साक्ष्य इस ओर इशारा कर रहे हैं कि टक्कर हत्या की मंशा से मारी गई थी।”

दोनों की हुई दर्दनाक मौत

टक्कर के बाद जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अशोक साहू को गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से उन्हें रायपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि अमन अग्रवाल खुद ही सिटी कोतवाली पहुंचा और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उसने हादसे की सूचना भी खुद दी, ताकि मामला दुर्घटना का लगे।

See also  सड़क को बिना उखाड़े ही डामरीकरण, शहर में ऐसा कई बार हुआ, जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ…

गुस्साए ग्रामीणों ने नेशनल हाइवे पर किया काजाम

रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे गए। अंतिम संस्कार के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा।
सैकड़ों लोगों ने साराडीह मोड़ पर नेशनल हाइवे 353 पर करीब एक घंटे तक चक्काजाम कर दिया। भीड़ की मांग थी कि आरोपी अमन अग्रवाल पर तत्काल हत्या का प्रकरण दर्ज किया जाए और साजिश में शामिल अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो।
पुलिस के समझाने और निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद ही जाम समाप्त हुआ।

हत्या के एंगल पर सख्ती से जांच जारी

महासमुंद पुलिस अब मामले को हत्या की दिशा में जांच रही है।
जांच अधिकारी ने बताया कि—

  • घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज,
  • टायर के निशान,
  • और वाहन की गति से जुड़े तकनीकी सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।

इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने साफ किया है कि अब “मामला दुर्घटना नहीं, बल्कि दोहरे हत्याकांड” के रूप में आगे बढ़ेगा।