0 हाईकोर्ट ने दो माह के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का दिया है आदेश

रायपुर। डीएड अभ्यर्थियों ने प्रदेश में सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया फिर शुरू करने के लिए सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। दरअसल, हाईकोर्ट ने 26 सितंबर को एक आदेश में सरकार को नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने और दो महीने के भीतर पूर्ण करने के आदेश दिए हैं। इस पर डीएड अभ्यर्थियों ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव से हाईकोर्ट के आदेश का पालन करने की गुहार लगाई है।

डीएड अभ्यर्थियों का एक प्रतिनिधि मंडल शुक्रवार को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव से मुलाकात करेगा। डीएड अभ्यर्थियों की मांग है कि शिक्षक भर्ती 2023 के सहायक शिक्षक के 2300 रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र ही 1 अनुपात 3 में शुरू की जाए।

बीएड वालों की समस्या सुलझी, मगर…

बताया गया कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बर्खास्त 26 सौ से अधिक बीएड सहायक शिक्षकों को प्रयोगशाला सहायक के पद नियुक्ति देकर कुछ हद तक समस्या तो सुलझा लिया है लेकिन डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति का मसला अभी हल नहीं हुआ है। बताया गया कि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भूपेश सरकार के आखिरी साल में शुरू हुई थी तब करीब 12 हजार से अधिक पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इनमें से 6285 सहायक शिक्षकों के पद थे। सहायक शिक्षक पद के लिए बीएड अथवा डीएड की योग्यता निर्धारित कर दी गई थी।

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विभाग से गलती यह हुई है कि सहायक शिक्षकों के लिए डिप्लोमा यानी डीएड के अलावा बीएड डिग्री को नियुक्ति के लिए मान्य कर दिया गया। इस पर डीएड धारी अभ्यर्थियों ने कोर्ट में याचिका लगाई। शिक्षक चयन परीक्षा जून को हो गई, और जुलाई में नतीजे घोषित कर दिए गए। बाद में राजस्थान के एक प्रकरण के मसले पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश आया जिसमें कहा गया कि सहायक शिक्षक के लिए डीएड अनिवार्य है बीएड नहीं।

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश के परिपालन में एनसीटी ने सभी राज्यों को पत्र लिखा कि डिप्लोमा अनिवार्य है। मगर यहां चयनित बीएडधारियों को नियुक्ति दे दी गई थी। चार काउंसलिंग में 5301 शिक्षकों की नियुक्ति हुई। इनमें 2855 बीएड, और 2446 डीएड अभ्यर्थी थे। बाद में वर्ष 2024 दिसंबर को बीएड अभ्यर्थियों को बर्खास्त कर दिया गया। छह महीने बाद बर्खास्त शिक्षकों को प्रयोगशाला सहायक बनाकर एडजस्ट कर दिया गया है। मगर डीएड शिक्षकों की भर्ती का मामला अटका पड़ा है।

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साय सरकार ने बीएड शिक्षकों की बर्खास्तगी के बाद रिक्त 2615 पदों पर भर्ती के लिए काउसिंलिग की। पांचवें चरण की नियुक्ति प्रक्रिया  में 1299 पदों पर नियुक्ति हो चुकी है। वर्तमान में 1316 पद खाली है। पूर्व के 984 पद रिक्त हैं इस तरह 2300 खाली पदों पर चयनित अभ्यार्थियों को काउसिंलिग होनी है मगर छठवें चरण की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, जबकि कैबिनेट ने शिक्षा भर्ती की वैधता को एक जुलाई 2025 तक बढ़ाया था।