टीआरपी डेस्क। Digital Signature Scam : बालोद जिले में डिजिटल सिग्नेचर की अनिवार्यता के नाम पर बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। आरोप है कि विकासखंड स्रोत समन्वयकों (BRC) ने रायपुर स्थित एक निजी डिजिटल सिग्नेचर प्रदाता कंपनी के साथ मिलकर लगभग ₹50 लाख की अवैध वसूली की है। जिले के करीब 1580 स्कूलों से प्रति स्कूल 3000 लेकर यह राशि एकत्र की गई। रचना तिवारी को कंपनी का प्रमुख बताया जा रहा है, जिसने शिविर लगाकर शिक्षकों से इस रकम की वसूली की है।

छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ, दुर्ग संभाग के अध्यक्ष भुवन सिन्हा ने RTI के जरिए इस पूरे घोटाले का खुलासा किया। जांच में यह सामने आया है कि न तो शिक्षा विभाग और न ही किसी अधिकृत सरकारी एजेंसी ने डिजिटल सिग्नेचर तैयार करने की अनुमति दी थी। इसके बावजूद BRC कार्यालयों में शिविर लगाकर शिक्षकों को सिग्नेचर डिवाइस बनवाने के लिए बाध्य किया जा रहा था।

जिले के कई स्कूलों से मिली जानकारी के अनुसार, इन पेन ड्राइव रूपी सिग्नेचर डिवाइसेस का कभी भी उपयोग नहीं किया गया। शिक्षकों को दी गई पावती भी बिना नाम, तारीख और हस्ताक्षर की थी, जिससे यह फर्जी लेन-देन का स्पष्ट मामला प्रतीत होता है। वर्ष 2022 में ऐसे ही मामले रायपुर जिले के आरंग और धरसींवा विकासखंड में भी सामने आ चुके हैं।

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Digital Signature Scam : शिक्षक संघ ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। संघ ने मानव संसाधन मंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर वसूली गई राशि शिक्षकों को लौटाने की मांग भी की है। विभागीय अधिकारी अब तक इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे शिक्षकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।