टीआरपी डेस्क। मध्य प्रदेश के जबलपुर के विजय नगर चौपाटी पर नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत शुक्रवार को बुलडोजर कार्रवाई की गई। वर्षों से संचालित इस चौपाटी से ठेले और दुकानें हटाने से सैकड़ों व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। व्यापारियों ने बिना पूर्व नोटिस के की गई कार्रवाई का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया और वैकल्पिक स्थान आवंटन की मांग की। नगर निगम अधिकारियों ने इसे सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ आवश्यक कदम बताया।
जानकारी के मुताबिक, विजय नगर चौपाटी शहर के व्यस्त इलाकों में से एक है, पिछले कई वर्षों से सैकड़ों छोटे व्यापारियों का रोजगार स्रोत बनी हुई थी। नगर निगम की टीम ने शुक्रवार सुबह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की, जिसमें ठेले, टपरी और अस्थायी दुकानें हटा दी गईं। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिससे कोई बड़ा हादसा न हो। निगम के अनुसार, यह स्थान सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करके विकसित किया गया था, जो शहर की यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं को प्रभावित कर रहा था।
व्यापारियों का विरोध और आरोप
चौपाटी संघ और प्रभावित व्यापारियों ने कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। उनका आरोप है कि, पूर्व महापौर के कार्यकाल में यह चौपाटी वैध रूप से आवंटित की गई थी और पिछले 10 सालों से यहां सैकड़ों परिवार अपनी आजीविका चला रहे थे। संघ के पदाधिकारी राजेश पटेल ने कहा, नगर निगम ने बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के कार्रवाई की, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। त्योहारों के ठीक पहले यह कदम हमारे कारोबार को ठप कर देगा। व्यापारियों ने सड़क पर धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। वे अतिक्रमण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि छोटे कारोबारियों का रोजगार न छिन जाए।
नगर निगम का पक्ष
नगर निगम आयुक्त संजय दुबे ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई नियमों के अनुपालन में की गई है। उन्होंने कहा, शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विजय नगर चौपाटी सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे का उदाहरण थी, जो पैदल यात्रियों और वाहनों की आवाजाही बाधित कर रही थी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि, वैध दस्तावेजों की जांच के बाद ही अनुमति दी जाती है, और पूर्व आवंटन का कोई वैध प्रमाण नहीं मिला। हालांकि, इच्छुक व्यापारियों को नियमानुसार वैकल्पिक स्थान देने पर विचार किया जा सकता है। निगम ने शहर के अन्य क्षेत्रों जैसे गोमती नगर या सिविल लाइन्स में संभावित स्थानों का जिक्र किया।
त्योहारों से पहले संकट
कार्रवाई दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों के ठीक पहले होने से व्यापारियों के समक्ष गंभीर संकट पैदा हो गया है। चौपाटी पर फल, सब्जी, स्नैक्स और छोटे सामान बेचने वाले व्यापारियों का कहना है कि इससे उनकी दैनिक आय प्रभावित होगी। एक व्यापारी ने बताया, “हमारे परिवार का पेट पालन इसी पर निर्भर है। बिना नोटिस के कार्रवाई से हमारी बचत भी खतरे में पड़ गई।” संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें 15 दिनों में वैकल्पिक स्थान आवंटन की मांग की गई है।
आगे की कार्रवाई
कलेक्टर संदीप गुप्ता ने कहा कि दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा। नगर निगम ने अतिक्रमण अभियान को जारी रखने का संकल्प जताया, लेकिन व्यापारियों को पुनर्वासित करने का आश्वासन दिया। यह घटना शहर में अतिक्रमण विरोधी अभियान की आवश्यकता को रेखांकित करती है, साथ ही छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा पर जोर देती है।



