टीआरपी डेस्क। Bihar Election : पूर्णिया विधानसभा सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला बनने जा रहा है। कांग्रेस ने JDU से निष्कासित जितेंद्र यादव को टिकट दिया है, जिनकी पत्नी शहर की महापौर हैं और जितेंद्र यादव सीमांचल में मजबूत पकड़ रखते हैं। दूसरी ओर, BJP ने अपने मौजूदा विधायक विजय खेमका को फिर मैदान में उतारा है। पप्पू यादव गुट का स्थानीय प्रभाव भी इस चुनाव को दिलचस्प बना रहा है। इस सीट पर जातिगत समीकरण का प्रभाव निर्णायक बन सकता है।

बिहार के पूर्णिया विधानसभा सीट पर इस बार चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। कांग्रेस ने इस सीट से जितेंद्र यादव को उम्मीदवार बनाया है। वही, जितेंद्र यादव जिन्हें कुछ महीने पहले JDU से निकाल दिया गया था।

दरअसल, पिछले लोकसभा चुनाव में जितेंद्र यादव को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और NDA प्रत्याशी को हराने में पप्पू यादव की मदद करने को लेकर दोषी बताते हुए निष्कासित कर दिया गया था।​ जिसके बाद 3 महीने पहले जितेंद्र यादव कांग्रेस में शामिल हो गए और अब काग्रेंस ने उन्हें पूर्णिया विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। जितेंद्र यादव का पूर्णिया में मजबूत जनाधार माना जाता है।

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शहर की महापौर हैं जितेंद्र यादव की पत्नी

जितेंद्र यादव की पत्नी विभा कुमारी शहर की महापौर हैं। JDU छोड़ने से पहले जितेंद्र यादव पार्टी के प्रदेश महासचिव और संतोष कुशवाहा के करीबी रहे हैं। कांग्रेस के अंदरूनी हल्कों में यह चर्चा है कि पार्टी ने टिकट वितरण में स्थानीय समीकरणों के साथ-साथ पप्पू यादव के प्रभाव को भी ध्यान में रखा है।

पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी (JAP) सीमांचल में सक्रिय है और वे खुद पूर्णिया से सांसद हैं। हालांकि, इस बार वे दिवाकर यादव को टिकट दिलाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने जितेंद्र पर भरोसा जताया है।​

BJP ने विजय खेमका को दिया मौका

पूर्णिया विधानसभा सीट पर BJP ने एक बार फिर अपने 2 बार के विधायक विजय कुमार खेमका को उतारा है। उन्होंने साल 2015 और 2020 दोनों चुनावों में कांग्रेस की इंदु सिन्हा को लगभग 32 हजार वोटों से मात दी है। पिछले लगातार तीन चुनावों यानी 2010, 2015, 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में यह सीट BJP के कब्जे में ही रही है।

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Bihar Election : लिहाजा, कांग्रेस की यह नई रणनीति दलित-पिछड़ा और यादव समीकरण को साधने की कोशिश मानी जा रही है।​ कुल मिलाकर, पूर्णिया की लड़ाई अब त्रिकोणीय होती दिखाई दे रही है। BJP के विजय खेमका, कांग्रेस के जितेंद्र यादव और पप्पू यादव गुट के स्थानीय असर के बीच मुकाबला काफी रोचक बनने जा रहा है।