टीआरपी डेस्क। भारतीय विज्ञापन जगत के दिग्गज और ‘एड गुरु’ के नाम से मशहूर पीयूष पांडे का शुक्रवार 24 अक्टूबर 2025 को 70 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई में अंतिम सांस ली। उनके निधन की जानकारी विज्ञापन विशेषज्ञ सुहैल सेठ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक पोस्ट के माध्यम से साझा की।
विज्ञापन जगत का लिजेंड
पीयूष पांडे ने भारतीय विज्ञापन को आम जनता की भाषा और भावनाओं से जोड़कर नई पहचान दी। उनके बनाए कैंपेन ने विज्ञापन की दुनिया को बदल दिया। सबसे चर्चित कैंपेन ‘अबकी बार, मोदी सरकार’ ने राजनीतिक विज्ञापनों को नई दिशा प्रदान की। इसके अलावा, ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ जैसे भावनात्मक गीत ने भारत की सांस्कृतिक एकता को दर्शाया, जो आज भी देशवासियों के दिलों में बसा है। Ogilvy India को देश की शीर्ष विज्ञापन एजेंसी बनाने में उनकी भूमिका अहम रही।
जयपुर से क्रिकेट तक का सफर
1955 में राजस्थान के जयपुर में जन्मे पीयूष पांडे का प्रारंभिक जीवन साधारण रहा। उनके पिता एक बैंक कर्मचारी थे। जयपुर में पढ़ाई के दौरान उन्होंने क्रिकेट में रुचि दिखाई और राजस्थान की रणजी टीम के लिए खेला। बाद में उन्होंने विज्ञापन की दुनिया में कदम रखा और रचनात्मकता के बल पर Ogilvy India को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
पीयूष पांडे के परिवार का कला से गहरा जुड़ाव
पीयूष पांडे का परिवार कला और रचनात्मकता का गढ़ रहा है। उनके भाई प्रसून पांडे प्रसिद्ध विज्ञापन निर्देशक हैं, जबकि बहन इला अरुण जानी-मानी गायिका और अभिनेत्री हैं।
विज्ञापन जगत में शोक की लहर
सुहैल सेठ ने X पर लिखा, “भारत ने अपने सबसे महान रचनात्मक दिमागों में से एक को खो दिया। पीयूष पांडे न केवल एक विज्ञापन गुरु थे, बल्कि भारत की भावनाओं की आवाज थे।” उनके निधन से विज्ञापन जगत में शोक की लहर है।


