टीआरपी डेस्क। जस्टिस बीआर गवई के 23 नवंबर को रिटायर होने के बाद भारत को नया चीफ जस्टिस मिलेगा। सरकार ने इसके लिए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है। वर्तमान मुख्य न्यायाधीश से उनके उत्तराधिकारी के नाम के लिए अनुरोध पत्र जल्द ही सौंपा जाएगा।

अगले CJI कौन हैं?

सुप्रीम कोर्ट की परंपरा के अनुसार सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश को मुख्य न्यायाधीश के पद के लिए नियुक्त किया जाता है। फिलहाल जस्टिस सूर्यकांत इस कतार में अगले हैं। उनके नाम की सिफारिश केंद्रीय कानून मंत्री द्वारा वर्तमान CJI से प्राप्त की जाएगी और इसके बाद राष्ट्रपति उन्हें नियुक्त करेंगे।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत का कार्यकाल

न्यायमूर्ति सूर्यकांत 24 नवंबर 2025 से मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभालेंगे। उनका कार्यकाल लगभग 15 महीने तक रहेगा, यानी 9 फरवरी 2027 तक। यह कार्यकाल भारत के न्यायिक इतिहास में मुख्य न्यायाधीश के लिए औसतन मानक कार्यकाल के अनुरूप है।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत का प्रोफाइल

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्यायिक सेवा में दो दशक से अधिक अनुभव हासिल किया है और उच्चतम न्यायालय में आते ही कई महत्वपूर्ण मामलों में निर्णायक भूमिका निभाई है। वे कई ऐतिहासिक फैसलों की पीठ का हिस्सा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • अनुच्छेद 370 और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मामले
  • अभिव्यक्ति की आजादी, लोकतंत्र और भ्रष्टाचार
  • पर्यावरण संरक्षण और लैंगिक समानता के मुद्दे
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प्रमुख फैसले और योगदान

  • उन्होंने उस पीठ में भाग लिया जिसने औपनिवेशिक युग के राजद्रोह कानून को स्थगित किया और सरकार से निर्देश दिया कि समीक्षा तक नए प्राथमिकी दर्ज न हों।
  • बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान हटाए गए 65 लाख मतदाताओं का ब्योरा सार्वजनिक करने की बात कहकर चुनावों में पारदर्शिता सुनिश्चित की।
  • प्रधानमंत्री मोदी की 2022 की पंजाब यात्रा में सुरक्षा उल्लंघन की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय लिया।
  • वन रैंक-वन पेंशन (OROP) योजना को संवैधानिक रूप से वैध घोषित किया और महिला अधिकारियों के स्थायी कमीशन में समानता के लिए याचिकाओं पर सुनवाई की।
  • अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के 1967 के फैसले को खारिज कर संस्थान के अल्पसंख्यक दर्जे पर पुनर्विचार का मार्ग प्रशस्त किया।
  • पेगासस स्पाइवेयर मामले में अवैध निगरानी की जांच के लिए साइबर विशेषज्ञों का पैनल नियुक्त किया और कहा कि राज्य को राष्ट्रीय सुरक्षा की आड़ में मुफ्त पास नहीं मिल सकता।
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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था भी चर्चा में रही। 6 अक्टूबर को 71 वर्षीय वकील राकेश किशोर ने अदालत के भीतर मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर जूता फेंका। इस गंभीर सुरक्षा उल्लंघन के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने उनके वकालत लाइसेंस को निलंबित कर दिया।

इस मामले में सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ वकील राकेश किशोर के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की याचिका पर विचार करेगी। उस घटना के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने शांति बनाए रखी और अधिकारियों व सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिए कि घटना को नियंत्रित तरीके से निपटाया जाए और वकील को चेतावनी देकर छोड़ा जाए।

जस्टिस सूर्यकांत के मुख्य न्यायाधीश बनने के बाद सुप्रीम कोर्ट की दिशा में स्थिरता और वरिष्ठ न्यायाधीशों की अनुभवपूर्ण राय से कई संवैधानिक और महत्वपूर्ण मामलों में निर्णायक भूमिका निभाई जाएगी। उनके कार्यकाल के दौरान कई उच्च न्यायिक मुद्दों पर सुनवाई होगी, जिससे न्यायपालिका के कामकाज और न्याय वितरण में असर देखने को मिलेगा।

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