टीआरपी डेस्क। मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में न्यायिक मजिस्ट्रेट के सरकारी आवास पर 24 अक्टूबर की देर रात पत्थरबाजी और हंगामे की घटना से हड़कंप मच गया। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, लापरवाही बरतने पर भालूमाड़ा थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया है।
कार्यालयीन कॉलोनी डी/3 में मजिस्ट्रेट अमनदीप सिंह छाबड़ा अपने परिवार के साथ सो रहे थे, तभी देर रात तीन युवकों ने उनके घर के बाहर पहुंचकर जमकर उत्पात मचाया।
हमलावरों ने अपशब्द कहे और जान से मारने की धमकी देते हुए पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने बंगले की लाइट और लोहे के एंगल भी तोड़ दिए। न्यायाधीश के बाहर निकलते ही आरोपी मोटरसाइकिल से भाग निकले।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला दर्ज किया। भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध कायम कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रियांशु सिंह उर्फ जैगवार (25), देवेंद्र केवट (23) और मानीकेश सिंह (19) निवासी भालूमाड़ा के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, घटना के वक्त तीनों आरोपी नशे की हालत में थे। इनमें मुख्य आरोपी प्रियांशु सिंह के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।अनूपपुर एसपी मोतिउर रहमान ने बताया कि न्यायाधीश के आवास पर हमला करने वाले तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वहीं, मामले में लापरवाही बरतने पर भालूमाड़ा थाना प्रभारी संजय खलको को लाइन हाजिर किया गया है। यह घटना न केवल जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि न्याय व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता उत्पन्न करती है।


