टीआरपी डेस्क। Liquor Scam Case : छ्त्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने कथित छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ED द्वारा की गई अपनी गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाला बागची की बेंच ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए ED से 10 दिन में जवाब मांगा है।

PMLA की धारा 50 और 63 पर सवाल

चैतन्य बघेल ने अपनी याचिका में दावा किया है कि उनकी गिरफ्तारी संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और उन्होंने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की कुछ धाराओं, धारा 50 और 63 की संवैधानिक वैधता पर भी सवाल उठाया है।

उनका कहना है कि इन प्रावधानों के तहत ED को ऐसे बयान लेने का अधिकार है जो आरोपी को खुद के खिलाफ साक्ष्य देने के लिए मजबूर कर सकते हैं, जिससे संविधान के अनुच्छेद 14, 20(3) और 21 का उल्लंघन होता है। याचिका में कहा गया है कि धारा 50 के तहत लिए गए बयान कई बार जबरदस्ती लिए जाते हैं और बाद में इन्हें आरोपी के खिलाफ सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

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मौलिक अधिकारों का हनन

Liquor Scam Case : चैतन्य बघेल ने अपनी स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के 17 अक्टूबर के आदेश को भी चुनौती दी है, जिसमें हाई कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी को वैध ठहराया था। हाई कोर्ट ने माना था कि ED ने कोर्ट की अनुमति के बिना आगे की जांच की लेकिन इसे केवल प्रोसीजरल इररेगुलैरिटी यानी प्रक्रियागत त्रुटि बताया था, इस आधार चैतन्य बघेल को पर राहत देने से इनकार किया गया था।