CG News: रायपुर/बस्तर। पेसा एक्ट कानून के अंतर्गत सर्व पिछड़ा वर्ग समाज, बस्तर संभाग ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। समाज का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित हैं, जिन पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान किया जाना आवश्यक है।

CG News: पिछड़ा वर्ग समाज ने पहली मांग में कहा है कि, देश के अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ में भी अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाए। इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर केंद्र सरकार से पहल कर छत्तीसगढ़ की आरक्षण व्यवस्था को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल कराया जाए, ताकि भविष्य में इस पर कोई न्यायिक चुनौती न आ सके।

CG News: दूसरी मांग पंचायत चुनावों से जुड़ी है। समाज का कहना है कि प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायत चुनाव के दौरान अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण का प्रावधान (धारा 129-ड) पहले से लागू था, जिसे छत्तीसगढ़ पंचायत निर्वाचन अधिनियम में वर्ष 2024 में समाप्त कर दिया गया है।

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इस प्रावधान को यथावत पुनः लागू किया जाए, ताकि अन्य पिछड़ा वर्ग को पंचायत स्तर पर समुचित प्रतिनिधित्व मिल सके। तीसरी मांग पेसा कानून के पूर्ण क्रियान्वयन को लेकर है। समाज ने बताया कि वर्तमान सरकार बस्तर और सरगुजा संभाग में पेसा कानून को पूरी तरह लागू करने जा रही है, जिसका वे स्वागत करते हैं।

CG News: हालांकि, समाज का आग्रह है कि इसे लागू करने से पहले अन्य पिछड़ा वर्ग को विश्वास में लिया जाए और उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। समाज का कहना है कि जिन ग्राम पंचायतों में उनकी संख्या कम है, वहां उनकी आवाज अनसुनी किए जाने और मनमानी फैसलों की आशंका बनी रहती है, जिससे वे स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

CG News: सर्व पिछड़ा वर्ग समाज ने शासन से अपील की है कि, उनकी उपर्युक्त मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय लिया जाए। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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