टीआरपी डेस्क। दिल्ली के लाल किला धमाके में गिरफ्तार अलफलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ. जवाद सिद्दीकी मूल रूप से इंदौर जिले के महू का निवासी है। सूत्रों के अनुसार जवाद करीब 25 वर्ष पहले परिवार सहित महू छोड़कर चला गया था।

धमाके में नाम सामने आने के बाद महू पुलिस ने जवाद सिद्दीकी के पुराने रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। पुलिस उसके पारिवारिक और व्यावसायिक संबंधों की गहन जांच पड़ताल कर रही है, ताकि महू में उसके किसी पुराने नेटवर्क या संपर्क की कड़ी इस मामले से जुड़ी हो तो पता लगाया जा सके।

सूत्रों ने बताया कि जवाद के भाई पर भी महू में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। पुलिस अब सभी पुराने केस और रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

बता दें, 10 नवंबर 2025 को सोमवार शाम करीब 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास एक हुंडई i20 कार में जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 25 से ज्यादा घायल हैं। प्रारंभिक जांच में अमोनियम नाइट्रेट आधारित विस्फोटक का इस्तेमाल पाया गया है। दिल्ली पुलिस ने यूएपीए और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर एनआईए को जांच सौंपी है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से 40 से अधिक नमूने एकत्र किए, जिनमें दो कारतूस, अमोनियम नाइट्रेट और एक अधिक शक्तिशाली विस्फोटक के अवशेष शामिल हैं। दूसरा विस्फोटक मिलिट्री ग्रेड का लगता है।

See also  मध्यप्रदेश सरकार देगी केरल और त्रिपुरा को 20-20 करोड़ रूपए की सहायता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

लाल किला 11 से 13 नवंबर तक बंद

लाल किला 11 से 13 नवंबर तक पर्यटकों के लिए बंद। मेट्रो स्टेशन के गेट 1 और 4 सील, स्टेशन 12 नवंबर तक बंद रहा। नेताजी सुभाष मार्ग पर ट्रैफिक प्रतिबंध। पूरे दिल्ली-एनसीआर में हाई अलर्ट, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर चेकिंग बढ़ाई गई।