टीआरपी डेस्क। Safest Countries in the World: दुनिया युद्ध के मुहाने पर खड़ी है ऐसे ज्यादातर देश अपनी सुरक्षा पर भारी बजट लगा रहे हैं, वहीं कुछ छोटे लेकिन बेहद दिलचस्प देश ऐसे भी हैं जो बिना बड़ी सेना के भी सबसे सुरक्षित माने जाते हैं। इनका मॉडल बताता है कि सुरक्षा सिर्फ हथियारों से नहीं, बल्कि स्थिर समाज, भरोसेमंद संस्थाएं और शांतिपूर्ण नीतियों से भी मिलती है। आइए देखते हैं ऐसे 5 देश, जिनका सैन्य ढांचा सीमित है, फिर भी वे दुनिया के सुपर सेफ देशों में गिने जाते हैं।
- सिंगापुर Singapore
सिंगापुर सालाना करीब 11.5 बिलियन डॉलर रक्षा पर खर्च करता है, जो उसके GDP का लगभग 2.8% है. यह भारी-भरकम बजट नहीं माना जाता, फिर भी सिंगापुर दुनिया में सबसे सुरक्षित जगहों में शामिल है। यहां अपराध लगभग नगण्य है। मजबूत कम्युनिटी पुलिसिंग, सख्त कानून व्यवस्था और साफ संदेश कि अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा यही इसकी सुरक्षा की रीढ़ है। नागरिक और पर्यटक दोनों बिना डर घूम सकते हैं।
- न्यूजीलैंड New Zealand
प्रशांत महासागर में दूर स्थित न्यूजीलैंड का डिफेंस बजट सिर्फ 3.9 बिलियन डॉलर है, यानी GDP का 1% से भी कम। इसकी भौगोलिक स्थिति इसे स्वाभाविक सुरक्षा देती है, लेकिन असली फर्क पड़ता है सरकार की पारदर्शिता और मजबूत न्याय व्यवस्था से। यहां लोगों का सरकार और संस्थानों पर भरोसा इतना मजबूत है कि बड़े पैमाने पर सैन्य खर्च की जरूरत ही नहीं पड़ती।
- ऑस्ट्रिया Austria
ऑस्ट्रिया दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में चौथे स्थान पर है। इसके बावजूद देश का वार्षिक रक्षा खर्च सिर्फ 3.4 बिलियन डॉलर है। इसकी तटस्थ विदेश नीति, कड़े बॉर्डर कंट्रोल और समाज में समान अधिकारों की संस्कृति इसे बिना बड़े सैन्य ढांचे के भी सुरक्षित बनाती है। देश का आंतरिक ढांचा इतना संतुलित है कि बाहरी खतरे कम हो जाते हैं।
- आइसलैंड Iceland
आइसलैंड पूरी तरह अलग तरह का उदाहरण है। यहां लगभग सेना ही नहीं है और रक्षा पर कुल खर्च सिर्फ 40 मिलियन डॉलर है। फिर भी यह दुनिया का सबसे शांतिपूर्ण देश माना जाता है। कारण है इसकी भौगोलिक दूरी, बेहद कम अपराध, और ऐसा सामाजिक माहौल जहां लोग अपने घरों के दरवाजे तक खुले छोड़ देते हैं। यहां हिंसा और तनाव लगभग न के बराबर है।
- आयरलैंड Ireland
आयरलैंड का वार्षिक रक्षा बजट करीब 1.3 बिलियन डॉलर है, यानी GDP का सिर्फ 0.3%. यह लंबे समय से तटस्थता की नीति पर चलता आया है यानी किसी सैन्य गठबंधन का हिस्सा नहीं बनता। यहां की सुरक्षा मजबूत पुलिस व्यवस्था, राजनीतिक स्थिरता और शांतिपूर्ण कूटनीति से आती है। नतीजा यह है कि हिंसा और अशांति बेहद कम है।



