टीआरपी डेस्क। Departmental Spokespersons : छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी विभागों में पहली बार प्रवक्ताओं की नियुक्ति होने जा रही है। सरकार की छवि को मजबूत करने और लोगों तक भरोसेमंद जानकारी पहुंचाने के लिए जनसंपर्क विभाग ने यह बड़ा कदम उठाया है। अब हर विभाग को साफ-साफ बताना होगा कि वे रोज क्या काम कर रहे हैं और हर 3 महीने में उनके प्रयासों से क्या बदलाव आए।

सोशल मीडिया पर रोज दिया जाएगा अपडेट

जनसंपर्क विभाग के आदेश में कहा गया है कि हर विभाग को रोज सोशल मीडिया पर यह बताना अनिवार्य होगा कि उस दिन कौन-कौन से काम किए गए। इसके लिए विभाग से ही किसी अधिकारी को प्रवक्ता बनाया जाएगा, जो मीडिया से लगातार संवाद भी करेगा।

अब अनिवार्य होगी प्रेस ब्रीफिंग

सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी प्रेस ब्रीफिंग का शेड्यूल पहले से तय करें। किसी कार्यक्रम की जानकारी 1 दिन पहले सार्वजनिक करनी होगी और जरूरत के अनुसार मीडिया को आमंत्रित करना होगा। बड़े प्रोजेक्ट्स की जानकारी इन्फोग्राफिक्स के जरिए दी जाएगी।

See also  बीजापुर में इन दो घटनाओं के बाद हड़कंप: इधर पुलिसवाले पर जानलेवा हमला, उधर पेड़ से लटकी मिली एक जवान की लाश

पारदर्शिता बढ़ाने का उद्देश्य

जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव के पत्र में साफ लिखा है “सूचना में देरी या ढिलाई शासन की छवि को प्रभावित कर सकती है, इसलिए हर विभाग प्राथमिकता के साथ इस व्यवस्था का पालन करे।”

पत्रकारों से संपर्क बढ़ाने के निर्देश

आदेश में यह भी कहा गया है कि “जनभागीदारी कार्यक्रमों में पत्रकारों को शामिल किया जाए।” महत्वपूर्ण परियोजनाओं का दौरा करवाना, मीडिया संगोष्ठी आयोजित करना और पत्रकारों के साथ फ्रेंडली मैच खेलने की बात भी शामिल की गई है।

विभागों को रोज करने होंगे यह काम

  • अपने विभाग से जुड़ी सभी खबरों की कटिंग एकत्र करना।
  • सकारात्मक और नकारात्मक खबरों की रिपोर्ट सचिव और कलेक्टर को भेजना।
  • जरूरत होने पर गलत खबरों का खंडन जारी करना।
  • शाम 5 बजे तक सही जानकारी उपलब्ध कराना।
  • हर दिन विभागीय अपडेट जनसंपर्क अधिकारी के माध्यम से जारी करना।

सोशल मीडिया में पोस्टिंग अनिवार्य

  • सभी विभागों को अपनी रोज की गतिविधियों और उपलब्धियों को पोस्ट करना होगा।
  • फेसबुक, एक्स, यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग अनिवार्य किया गया।
  • विभाग के लिए साप्ताहिक और जिलों के लिए मासिक टारगेट भी तय किए गए हैं।
See also  भाजपा सांसद सरोज पांडेय ने उठाया बालको में अनियमितता का मामला, जाँच की मांग

Departmental Spokespersons : सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह प्रणाली पारदर्शिता बढ़ाने और लोगों तक तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाने के लिए बनाई गई है। इससे न सिर्फ विभागों का प्रचार-प्रसार होगा बल्कि गलत खबरों से भी बचाव होगा।