रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के गौरव कुमार सिंह 2013 बैंच के आईएएस अधिकारी है। वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के मल्लावां क्षेत्र के देवमनपुर गांव के निवासी हैं। एक मेधावी छात्र के रूप में हिंदी माध्यम से अपनी पूरी शिक्षा पूरी करने वाले डॉ. सिंह ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में एयआर 190 रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना साकार किया। वर्तमान में वे रायपुर जिले के कलेक्टर के रूप में कार्यरत हैं, डॉ. सिंह को चार राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
डॉ. गौरव कुमार सिंह का जन्म 1 जनवरी 1984 को उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के देवमनपुर गांव में एक शिक्षक परिवार में हुआ। उनके पिता शिवराज सिंह गौसगंज के पीबीआर इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल थे, जो राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित थे। सात भाई-बहनों में गौरव सबसे छोटे थे और शुरू से ही पढ़ाई में काफी होशियार भी थे।
उच्च शिक्षा के लिए डॉ. सिंह ने एनआईटी और आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में IIT दिल्ली से पीएचडी किया। उनकी पूरी शिक्षा हिंदी माध्यम से होने की वजह से उन्होंने हिंदी माध्यम से UPSC की परीक्षा उत्तीर्ण की। डॉ. सिंह का मानना है कि बहु-लक्ष्यों की बजाय एक निश्चित लक्ष्य पर फोकस सफलता की कुंजी है। 2 सितंबर 2013 को आईएएस के रूप में सेवाएं आरंभ करने के बाद वे छत्तीसगढ़ कैडर में आवंटित हुए।
पेशेवर जीवन और प्रमुख पोस्टिंग्स
प्रारंभिक प्रशिक्षण के दौरान वे रायगढ़ में असिस्टेंट कलेक्टर, सरायपाली में एसडीएम रहे। 2016 में नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में जिला पंचायत के सीईओ के रूप में पदस्थ रहे, जहां उन्होंने स्थानीय विकास योजनाओं के माध्यम से कई बदलाव किए। तत्कालीन कलेक्टर सौरभ कुमार के साथ उनकी जोड़ी ने कई सफल परियोजनाएं चलाईं, जिससे नक्सलियों को भी पर्चे जारी करने पर मजबूर होना पड़ा।
उनकी प्रमुख पोस्टिंग्स
- रायपुर जिला पंचायत के सीईओ
- धमतरी जिला पंचायत के सीईओ
- दुर्ग जिला पंचायत के सीईओ
- मुंगेली जिले के कलेक्टर
- बलौद जिले के कलेक्टर
- सूरजपुर जिले के कलेक्टर (2021 में विवादास्पद पूर्व कलेक्टर रणबीर शर्मा की जगह नियुक्ति)
- वर्तमान: रायपुर जिले के कलेक्टर
रायपुर में कलेक्टर के रूप में डॉ. सिंह ने कोविड-19 प्रबंधन और विकास योजनाओं में उत्कृष्ट कार्य किया। उनकी नवाचारी पहलों में ‘संवर रहा छत्तीसगढ़’ जैसी योजनाएं शामिल हैं, जो भविष्य में मील का पत्थर साबित होंगी।
उपलब्धियां और योगदान
डॉ. गौरव कुमार सिंह को चार राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं, जो उनके जन-सेवा और प्रशासनिक उत्कृष्टता को दर्शाते हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों के माध्यम से उन्होंने सामाजिक समावेशन को बढ़ावा दिया। रायपुर में उनके नेतृत्व में जिले ने कई स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में प्रगति की। डॉ. सिंह ने पॉडकास्ट और साक्षात्कारों के माध्यम से युवाओं को यूपीएससी तैयारी के टिप्स साझा किए, जैसे कि एकाग्रता और हिंदी माध्यम की ताकत।
डॉ. गौरव कुमार सिंह (IAS, छत्तीसगढ़ कैडर)
- डॉ. गौरव कुमार सिंह किस कैडर और किस बैच के IAS अधिकारी हैं?
उत्तर: छत्तीसगढ़ कैडर, 2013 बैच - उनका जन्म कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर: 1 जनवरी 1984, देवमनपुर गांव, मल्लावां (हरदोई), उत्तर प्रदेश - डॉ. गौरव कुमार सिंह की स्कूली शिक्षा किस माध्यम में हुई?
उत्तर: पूरी तरह हिंदी माध्यम में - उन्होंने इंजीनियरिंग और पीएचडी किस संस्थान से की?
उत्तर: इंजीनियरिंग – NIT और IIT दिल्ली, पीएचडी – IIT दिल्ली (सोलर एनर्जी) - यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में उनकी ऑल इंडिया रैंक क्या थी?
उत्तर: 190 (2012 परीक्षा, 2013 बैच) - यूपीएससी परीक्षा उन्होंने किस माध्यम में पास की?
उत्तर: हिंदी माध्यम - डॉ. गौरव कुमार सिंह ने IAS के रूप में सेवा कब शुरू की?
उत्तर: 2 सितंबर 2013 - वर्तमान में वे किस पद पर कार्यरत हैं?
उत्तर: रायपुर जिले के कलेक्टर - नक्सल प्रभावित क्षेत्र में उनकी सबसे चर्चित तैनाती कौन-सी थी?
उत्तर: दंतेवाड़ा जिला पंचायत के CEO (2016) - दंतेवाड़ा में उनके कार्यकाल में किस तत्कालीन कलेक्टर के साथ उनकी जोड़ी बहुत प्रसिद्ध हुई?
उत्तर: सौरभ कुमार (IAS) - निम्न में से कौन-से जिले में उन्होंने कलेक्टर के रूप में कार्य किया है?
(a) मुंगेली (b) बलौद (c) सूरजपुर (d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (d) उपरोक्त सभी - सूरजपुर में उनकी नियुक्ति कब और किसके स्थान पर हुई थी?
उत्तर: 2021 में, विवादास्पद पूर्व कलेक्टर रणबीर शर्मा की जगह - डॉ. गौरव कुमार सिंह को अब तक कितने राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं?
उत्तर: चार - उनकी एक प्रमुख नवाचारी पहल का नाम बताइए जो छत्तीसगढ़ में चर्चित है।
उत्तर: संवर रहा छत्तीसगढ़ - उनके पिता का नाम और पेशा क्या था?
उत्तर: शिवराज सिंह, प्रिंसिपल (राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त) - वे अपने परिवार में कितने भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं?
उत्तर: सात भाई-बहनों में सबसे छोटे - उनकी प्रारंभिक पढ़ाई कहाँ हुई थी?
उत्तर: सरस्वती शिशु मंदिर, गौसगंज (हरदोई) - यूपीएससी की सफलता के लिए उनका सबसे बड़ा मंत्र क्या है?
उत्तर: एक निश्चित लक्ष्य पर पूरी तरह फोकस करना - कोविड-19 और बाढ़ राहत कार्य में उन्होंने किस जिले में उल्लेखनीय कार्य किया?
उत्तर: रायपुर - डॉ. गौरव कुमार सिंह युवाओं को क्या संदेश देते हैं?
उत्तर: “सपने देखो, लेकिन लक्ष्य पर दृढ़ रहो।”


