टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ में नई जमीन गाइडलाइन दरों के लागू होने के बाद विरोध की लहर तेज हो गई है। जमीन पंजीयन से जुड़ी लगातार समस्याओं और गाइडलाइन दरों में अचानक हुई बढ़ोतरी के खिलाफ जमीन व्यापारियों ने कलेक्टर परिसर, रायपुर पहुंचकर ज्ञापन सौंपते हुए नई दरों का विरोध दर्ज कराया गया।

बिल्डरों के प्रमुख संगठन क्रेडाई का कहना है कि कई क्षेत्रों में जमीन की सरकारी दर बाजार मूल्य से कई गुना अधिक हो गई है। इससे खरीदारों, ब्रोकरों और रियल एस्टेट कारोबारियों पर सीधा असर पड़ा है। बड़ी संख्या में ब्रोकर कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे और दरों की पुन: समीक्षा की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जमीन की वास्तविक कीमत से अधिक गाइडलाइन मूल्य तय होने के कारण खरीदारों को रजिस्ट्री शुल्क में भी ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा। इससे जमीन की खरीद-फरोख्त पर नकारात्मक असर पड़ सकता है और रियल एस्टेट कारोबार धीमा पड़ने की आशंका है।

See also  विधानसभा में गूँजा रायगढ़ का औद्योगिक प्रदूषण: फ्लाईएश डंपिंग पर घिरे मंत्री, विपक्ष का सदन से वॉकआउट

क्रेडाई की मुख्य मांगें

  • गैर पारिवारिक खरीदारों के मामले में प्रत्येक व्यक्ति के हिस्से के आधार पर मूल्यांकन किया जाए।
  • खरीदारों की संख्या के आधार पर जमीन का मूल्य बढ़ाने की व्यवस्था खत्म की जाए, क्योंकि इससे गाइडलाइन दरें वास्तविक बाजार मूल्य से कई गुना बढ़ जाती हैं।
  • पंजीयन शुल्क को 4 प्रतिशत पर ही सीमित रखा जाए।
  • बहुमंजिला भवनों में ऊपरी मंजिलों पर कंस्ट्रक्शन कॉस्ट में मिलने वाली छूट को फिर से लागू किया जाए।
  • कलेक्टर गाइडलाइन में 30% छूट पहले ही समाप्त हो चुकी है, इसलिए पुराने समय में लागू 0.8% पंजीयन शुल्क को फिर से बहाल किया जाए।
  • कई जगहों पर सरकारी दर बाजार मूल्य से अधिक है, इसलिए ऐसे क्षेत्रों की पुन: जांच कर सही गाइडलाइन दरें तय की जाएं।