टीआरपी। छत्तीसगढ़ विधानसभा में विधायक अजय चंद्राकर ने कारखानों में बढ़ती दुर्घटनाओं और सुरक्षा में लापरवाही से होने वाली जनहानि का मुद्दा उठाया। विधायक चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा और औद्यौगिक विकास का महत्वपूर्ण केन्द्र है। लेकिन, लगातार औद्योगिक सुरक्षा में लापरवाही के कारण होने वाली जनहानि से जूझ रहा है। कभी कारखानों में विस्फोट तो कभी गैस रिसाव और कभी लिफ्ट टूटना तो संरचनाओं का ढेर हो जाना जनहानि का कारण बनते जा रहा हैं।
हाल ही में 8 अक्टूबर, 2025 को जांजगीर-चांपा के डभरा में स्थित आर.के. पावर प्लांट में चलती लिफ्ट में तकनीकी खराबी के कारण 40 मीटर की ऊचाई से अचानक नीचे गिरने के कारण 4 श्रमिकों की मृत्यु हो गई। 6 मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए। इसके पूर्व भी 26 सितंबर, 2025 को रायपुर के सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र में गोदावरी इस्पात फैक्ट्री में निर्माण कार्य के दौरान छत ढह जाने के कारण 6 मजदूरो की मौत और 6 गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
विधायक ने अपने सवाल में पूछा कि 6 अगस्त, 2025 को बिलासपुर के एन.टी.पी.सी. प्लांट में भारी भरकम स्लैब गिर जाने के कारण 1 मजबूर की मौत और 4 गभीर रूप से घायल हो गए। राज्य की औद्योगिक इकाइयों में लगातार हो रही इस तरह की दुर्घटनाओं से गंभीर सवाल खड़े हो रहा है। ऐसी दुर्घटनायें स्पष्ट करती है कि सुरक्षा मानको का कड़ाई से पालन नही हो रहा है औरा जमीनी स्तर पर काफी निराशाजनक हैं। प्रशासनिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो सुरक्षा नियमों को सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रख दिया गया है। संबंधित विभागों की ढीली निगरानी समस्या को और भी जटिल कर रही है। ना तो समय पर निरीक्षण किया जाता है और ना ही ऑडिट किया जाता है। स्थिति ऐसी बन चुकी है की श्रमिक वर्ग की जान की कीमत एक दिन की रोजी-रोटी के बराबर हो चुकी है जो रोजगार के लिये अपने जान जोखिम में डालकर काम करने के लिये मजबूर हो चुके हैं और प्रशासन चुप्पी साधे है। जिसके कारण प्रदेशभर में श्रमिक वर्ग में प्रशासन के नाकाम रवैये और औद्योगिक सस्थाओं के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
अधिकारियों की ओर से जवाब-दुर्घटना पर की गई कार्रवाई
विधायक चंद्राकर के प्रश्न के जवाब में विभागीय अधिकारियों की ओर से सदन को बताया गया कि यह कहना सही है कि, छत्तीसगढ खनिज संपदा और औद्यौगिक विकास का महत्वपूर्ण केन्द्र है। यह कहना सही नहीं है कि, लगातार औद्योगिक सुरक्षा में लापरवाही हो रही है, जिसके परिणामस्वरूप जनहानि हो रही है। विभाग द्वारा कारखानों में औद्योगिक सुरक्षा सुदृढ करने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे है। परिणामस्वरूप वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में कारखानों में घटित दुर्घटनाओ की संख्या में तथा मृतक श्रमिकों की संख्या में कमी आई है।
यह कहना सही नहीं है कि, जांजगीर-चांपा के डभरा में स्थित आर.के. पावर प्लांट में 8 अक्टूबर, 2025 को दुर्घटना घटित हुई थी। अपितु राज्य के सक्ती जिले में स्थापित मेसर्स- आर. के. एम. पावरजेन प्राइवेट लिमिटेड, के बॉयलर क्रमांक-02 में 07 अक्टूबर, 2025 को मरम्मत कार्य के दौरान लिफ्ट का उपयोग करने के दौरान घटना हुई। बॉयलर में ऊपर जाने के दौरान वायर रोप के टूट जाने पर लगभग 40 मीटर की ऊचाई से लिफ्ट अचानक नीचे गिरने के फलस्वरूप लिफ्ट में उपस्थित 10 श्रमिकों में से 04 श्रमिकों की मृत्यु हुई और 06 श्रमिक घायल हुए। इस दुर्घटना की अविलंब जांच कर कारखाने में स्थापित समस्त लिफ्ट के उपयोग तथा बॉयलर क्रमांक 2 में मेन्टेनेंस कार्य को प्रतिबंधित करने हेतु प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया। कारखाना प्रबंधन के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए कारखाना प्रबंधन के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण श्रम न्यायालय में दायर किया गया है।
विधायक के प्रश्न पर सदन में जवाब दिया गया कि यह कहना सही नहीं है कि, 26 सितंबर, 2025 को रायपुर के सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र में गोदावरी पॉवर एंड इस्पात लिमिटेड में निर्माण कार्य के दौरान छत ढह जाने के कारण 6 मजदूरो की मौत और 6 गंभीर रूप से घायल हो गए। अपितु मेसर्स गोदावरी पॉवर एंड इस्पात लिमिटेड में स्थापित 1.8 डज्च्। पैलेट प्लांट के ट्रैवलिंग ग्रेट बिल्डिंग में जमा हुए एक्रेशन को तोड़कर निकालने के कार्य के दौरान गर्म एक्रेशन की परत कास्टेबल वॉल सहित अंदर कार्यरत श्रमिकों के ऊपर अचानक गिरने से घटी दुर्घटना के परिणामस्वरुप 06 श्रमिकों की मृत्यु हुई तथा 06 श्रमिक घायल हुए। इस दुर्घटना की अविलंब जांच कर कारखाने में पैलेट प्लांट में विनिर्माण प्रक्रिया के संचालन एवं मेन्टेनेंस सहित समस्त कार्यों को प्रतिबंधित करने हेतु प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया तथा कारखाना प्रबंधन के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए कारखाना प्रबंधन के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण माननीय श्रम न्यायालय में दायर किया गया है।
यह कहना सही नहीं है कि 6 अगस्त, 2025 को बिलासपुर के एन.टी.पी.सी. प्लांट में भारी भरकम स्लैब गिर जाने के कारण 1 मजदूर की मौत और 4 गंभीर रूप से घायल हो गए। अपितु कारखाना मेसर्स एन.टी.पी. सी. लिमिटेड, सीपत सुपर थर्मल पावर स्टेशन, ग्राम-सीपत, पोस्ट- उज्जवल नगर, जिला बिलासपुर (छ.ग.) में स्थापित यूनिट क्रमांक-5 के बॉयलर के एयर प्री हीटर में मरम्मत के लिए लगभग 22 मीटर ऊंचाई पर निर्मित लोहे के प्लेटफार्म पर खडे होकर एयर प्री-हीटर केज की सफाई करने के दौरान उक्त प्लेटफार्म के अचानक टूटकर नीचे गिर जाने के परिणामस्वरूप प्लेटफार्म पर उपस्थित 05 श्रमिकों में से 02 श्रमिक की मृत्यु हुई तथा 03 अमिक घायल हुए। इस दुर्घटना की अविलंब जांच कर कारखाना प्रबंधन के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करते हुए कारखाना प्रबंधन के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण श्रम न्यायालय में दायर किया गया है।
सदन में मंत्री ने जवाब दिया कि यह कहना सही नहीं है कि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन नहीं हो रहा है और जमीनी स्तर पर काफी निराशाजनक है। अपितु कुछ कारखानों में सुरक्षा मानको का कड़ाई से पालन नहीं किये जाने के कारण दुर्घटनाएं घटी है। जिनमें विभाग द्वारा अविलंब कड़ी कार्रवाई की गई।
कारखानों में की गई कार्रवाई
- वर्ष 2024 में विभाग द्वारा राज्य में स्थापित कारखानो में कुल 1266 निरीक्षण कर कारखाना प्रबंधनों के विरूद्ध 373 आपराधिक प्रकरण श्रम न्यायालय में दायर किए गए। कारखाना प्रबंधनों को 97,13,500/- के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।
- नवम्बर 2025 तक कारखानों में कुल 916 निरीक्षण कर 266 आपराधिक प्रकरण माननीय श्रम न्यायालय में दायर किये गये हैं। न्यायालय द्वारा कारखाना प्रबंधनों को 5,66,85,500/- के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। अतः यह कहना सही नहीं है कि, कारखानों का समय पर निरीक्षण नहीं किया जा रहा है। विभाग द्वारा राज्य में संचालित कारखानो में समय-समय पर मॉकड्रिल एवं सुरक्षा प्रशिक्षण इत्यादि का आयोजन कराया जाकर नियोजित श्रमिकों में कार्य के दौरान सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाती है।



