टीआरपी। Cherikhedi : वर्तमान में छेरीखेड़ी में अनेक विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। अधिकारियों, न्यायाधीशों के लिए शानदार आवास का निर्माण हो रहा है। निकट भविष्य में छेरीखेड़ी से आगे नवा रायपुर तक विकास कार्यों की गंगा बहेगी। कुछ समय पहले तक नया रायपुर जाने से लोग कतराते थे, लेकिन जल्द ही उच्च और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए नया रायपुर का इलाका लग्जरी बन जाएगा।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी का कहना है कि छेरीखेड़ी क्षेत्र में कई विकास कार्य चल रहे हैं। जैसे, अधिकारियों के लिए आवासीय योजनाओं का विकास, भूखंडों का विकास मेट्रो गलियारा, गौरव पथ और अन्य शहरी अवसंरचना जैसे रोड चौड़ीकरण से विकास को प्रगति मिल रही है। महिलाओं के सशक्तिकरण (लखपति दीदी कार्यक्रम) से जुड़े आयोजन से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन
औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भारत का पहला एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन) विकसित किया जा रहा है, जो डिजिटल क्षेत्र में एक बड़ा निवेश है और पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा। इस तरह कहा जाए तो छेरीखेड़ी क्षेत्र नवा रायपुर के विस्तार और रायपुर शहर के समग्र विकास योजनाओं के साथ जुड़कर तेजी से विकसित हो रहा है, जिसमें आवास, कनेक्टिविटी और सामाजिक-आर्थिक विकास पर जोर दिया जा रहा है।
मंत्री ओपी चौधरी का कहना है कि दो साल पहले छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा था। 3200 से अधिक आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों का विक्रय नहीं हो सका था। 735 करोड रूपए का बकाया था। मंडल को ऋण मुक्त करने के लिए यह राशि राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई। वर्तमान में मंडल पर कोई ऋण नहीं है। इन संपत्तियों पर 30 प्रतिशत तक की छूट उपलब्ध कराई गई। इस योजना को सफलता मिली और 9 महीनों में ही 1251 संपत्तियों का विक्रय हुआ और इस योजना के माध्यम से 190 करोड रुपए का राजस्व अर्जित किया गया।
पीएम यूनिटी मॉल
रायपुर विकास प्राधिकरण 193 करोड रूपए की लागत से पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण कर रहा है। टिकरापारा में 168 फ्लैट का निर्माण होगा।
132 एकड़ में टेक्सटाइल पार्क
132 एकड क्षेत्र में 2000 करोड़ की लागत से टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। परियोजना से 12,000 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। सेमीकंडक्टर और आईटी क्षेत्र में 1,800 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। यह पहल उन्नत 5जी और 6 जी तकनीक को ध्यान में रखकर की गई है। इससे राज्य को तकनीकी मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। डिजिटल इकोसिस्टम मजबूत होगा। आईटी क्षेत्र से लगभग 10,000 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। नवा रायपुर टेक-हब के रूप में उभरेगा। वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। 400 करोड की लागत से इनलैंड मरीना परियोजना विकसित की जा रही है।
120 करोड़ की लागत से आर्ट ऑफ लिविंग
120 करोड की लागत से आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर विकसित किया जाएगा। यह आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। वेलनेस टूरिज्म को प्रोत्साहन मिलेगा। 230 करोड की लागत से साइंस सिटी विकसित की जा रही है। इससे शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
मेडिकल हब
नवा रायपुर को मेडिकल हब बनाने के उद्देश्य से मेडी सिटी विकसित की जा रही है। मेडी सिटी में 300 बिस्तरों वाला हॉस्पिटल बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा विकसित किया जा रहा है।



