टीआरपी डेस्क। राज्य के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आज कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान कवासी लखमा ने अपनी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि वह लगातार अदालत में पेश किए जाने की मांग करते रहे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लंबे समय तक यह अवसर नहीं मिला।
कोर्ट से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत में पूर्व मंत्री ने अपनी खराब सेहत का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से ब्लड प्रेसर के मरीज हैं और इसके अलावा शुगर तथा हार्ट संबंधी समस्याओं से भी जूझ रहे हैं। लखमा ने आरोप लगाया कि गंभीर बीमारियों के बावजूद उन्हें जेल में समुचित चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके साथ कानून के मूल अधिकारों के विपरीत व्यवहार किया गया है। समय पर अदालत में पेश न किया जाना उनके अनुसार कानूनी अधिकारों का उल्लंघन है। लखमा का कहना था कि यदि उन्हें पहले कोर्ट में लाया जाता, तो वह अपनी बात और पक्ष मजबूती से रख सकते थे।
विधानसभा सत्र का जिक्र करते हुए कवासी लखमा ने अपनी पीड़ा भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विधानसभा का सत्र चल रहा है, लेकिन जेल में बंद होने के कारण वह उसमें भाग नहीं ले पा रहे हैं। एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के नाते विधानसभा में मौजूद रहना उनका दायित्व है, जिसे वह मजबूरी में निभा नहीं पा रहे हैं।



