टीआरपी डेस्क। प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। वर्ष 2023 से 15 नवंबर 2025 तक राज्य में कुल 41,829 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इन हादसों में 19,066 लोगों की जान चली गई, जबकि 35,761 लोग घायल या गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह जानकारी परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने विधानसभा में एक लिखित प्रश्न के जवाब में दी।

विधायक अजय चंद्राकर द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि बीते दो वर्षों की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंत्री के अनुसार, परिवहन विभाग द्वारा अब तक किसी बाहरी विशेषज्ञ से अलग से रिसर्च नहीं कराई गई है, लेकिन उपलब्ध आंकड़ों और विभागीय आकलन के आधार पर दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान की गई है।

मंत्री ने बताया कि अक्टूबर 2025 तक छत्तीसगढ़ में पंजीकृत वाहनों की संख्या 90 लाख से अधिक हो चुकी है। वाहनों की संख्या में लगातार वृद्धि, सड़कों की स्थिति में सुधार के बाद तेज रफ्तार से वाहन चलाना, लापरवाही, शराब के नशे में ड्राइविंग, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन चलाना तथा परमिट शर्तों का उल्लंघन सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं।

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सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार द्वारा नई योजना लागू की गई है। मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 162 के तहत 4 जून 2025 को जारी अधिसूचना के अनुसार “सड़क दुर्घटना पीड़ितों का नकदी उपचार स्कीम 2025” शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद स्वर्णिम काल यानी गोल्डन आवर में पीड़ित को तुरंत इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि पैसों की कमी के कारण उपचार में देरी न हो।

इस स्कीम के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को शासन द्वारा अधिकृत अस्पतालों में अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपये तक का इलाज पूरी तरह कैशलेस सुविधा के तहत दिया जाएगा। यह सुविधा दुर्घटना के बाद अधिकतम सात दिनों तक मान्य होगी।