टीआरपी डेस्क। कांग्रेस ने अपने ही प्रवक्ता विकास तिवारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें प्रवक्ता पद से हटा दिया है। बता दे कि विकास तिवारी ने झीरम घाटी हत्याकांड की जांच कर रहे न्यायिक आयोग को पत्र लिखकर अपनी ही पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं के नार्को टेस्ट की मांग कर दी थी।
जिसके बाद कांग्रेस संगठन का मानना है कि यह पत्र न सिर्फ पार्टी की आधिकारिक लाइन के खिलाफ था, बल्कि इससे संगठन की एकजुटता पर भी सवाल खड़े हुए। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि झीरम घाटी की घटना भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में हुई थी और उसकी राजनीतिक व नैतिक जिम्मेदारी तत्कालीन भाजपा सरकार पर ही बनती है। इस मामले में कांग्रेस लगातार पीड़ित परिवारों और जनता के साथ खड़ी होकर सच्चाई सामने लाने की लड़ाई लड़ रही है।
प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि विकास तिवारी जैसे वरिष्ठ प्रवक्ता से अपेक्षा थी कि वे पार्टी के अधिकृत रुख के अनुरूप बयान दें। इसके बजाय वरिष्ठ नेताओं के नाम जोड़कर मीडिया में बयानबाजी करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू ने तत्काल प्रभाव से उन्हें प्रवक्ता पद से हटा दिया। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि विकास तिवारी को तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब और अपना स्पष्टीकरण प्रदेश कांग्रेस को सौंपना होगा।



