टीआरपी। forest department : छत्तीसगढ़ के जंगलों में वन्य जीवों की रक्षा करने का दावा वन विभाग द्वारा किया जा रहा है। लेकिन, हकीकत कुछ और है, आए दिन किसी न किसी इलाके में वन्य जीवों का शिकार हो रहा है। एकाध मामले में ही शिकारी पकड़े जा रहे हैं। अवैध शिकार करने वालों पर अंकुश लगाने में वन विभाग फिसड्डी साबित हो रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में वन क्षेत्रों में अवैध शिकार की रोकथाम के लिए जंगलों में नियमित पेट्रोलिंग और जांच की जा रही है। इसके तहत पूरे राज्य में वन विभाग की टीमें लगातार सतर्क रहकर कार्रवाई कर रही हैं।
गरियाबंद क्षेत्र में वन विभाग ने ग्राम कोपेकसा में कार्रवाई की। सहायक वन संरक्षक नदीम कृष्णा बरिहा, आर.के. साहू एवं शिव प्रसाद ध्रुव के नेतृत्व में ग्रामीण नंदू, पिता महेतर ध्रुव के निवास स्थान पर छापामार कार्रवाई की गई। तलाशी के दौरान आरोपी के घर से भारी मात्रा में वन्यजीव का कच्चा तथा पका हुआ मांस बरामद किया गया। इसके साथ ही एक लाइसेंसी भरमार बंदूक, एक एयर गन तथा अन्य हथियार भी जब्त किए गए।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि छापामार कार्रवाई के साथ-साथ वन विभाग द्वारा स्थानीय लोगों को जागरूक करने के लिए निरंतर अभियान भी चलाया जा रहा है। वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण का महत्व तथा अवैध शिकार करने पर होने वाले कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है, ताकि लोग वन्य प्राणी के शिकार जैसे कृत्यों से दूर रहें और वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग करें।
शिकार के फंदे जब्त
वन अधिकारियों का कहना है कि वन्यप्राणियों के अवैध शिकार को रोकने के लिए नियमित बीट पेट्रोलिंग और एंटी स्नेयर वॉक अभियान चलाया जा रहा है। सभी वनमण्डलों में पैदल गश्त कर शिकार के लिए लगाए गए फंदों, जाल और तारों की लगातार तलाश की जा रही है। गत दिनों कोरिया वनमण्डल के पटना सर्किल अंतर्गत कटकोना, टेमरी और अंगा बीट के विभिन्न कक्षों में तमोर पिंगला अभ्यारण्य के बोंगा खास बीट में वन विभाग की टीम द्वारा एंटी स्नेयर वॉक अभियान चलाया गया। इस दौरान वन्यजीवों के शिकार के लिए लगाए गए फंदे जब्त किए गए। वन्यजीवों को पकड़ने के लिए लगाए गए जाल, सेटरिंग वायर और लकड़ी की खूटियां बरामद की गईं। अपराधियों की तलाश की जा रही है।



