टीआरपी डेस्क। गुजरात कैडर के 2015 बैच के IAS अधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार पटेल पर राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अगुवाई वाली सरकार ने रविवार देर रात यह फैसला लिया। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किए जाने के 48 घंटे पूरे होने के बाद नियमों के तहत सुरेंद्रनगर के पूर्व कलेक्टर राजेंद्र पटेल को सस्पेंड कर दिया गया।

डॉ. राजेंद्र पटेल पर सुरेंद्रनगर जिले में भूमि उपयोग परिवर्तन के मामलों में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। ईडी ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले ही राज्य सरकार ने उन्हें कलेक्टर पद से हटा दिया था। विशेष PMLA कोर्ट ने शुक्रवार को पटेल को 7 जनवरी तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है।

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गुजरात सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, 2 जनवरी से डॉ. पटेल को निलंबित माना जाएगा। आदेश में कहा गया है कि भूमि उपयोग परिवर्तन के आवेदनों को तेजी से निपटाने के बदले कथित रूप से रिश्वत वसूली का एक संगठित रैकेट चलाया जा रहा था, जिसमें कलेक्ट्रेट के कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।

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ईडी की जांच में सामने आया है कि इस कथित रैकेट में रिश्वत की रकम का बंटवारा तय हिस्सेदारी के अनुसार किया जाता था। जांच एजेंसी के अनुसार, एकत्रित रिश्वत का आधा हिस्सा तत्कालीन कलेक्टर राजेंद्र पटेल तक पहुंचता था, जबकि बाकी रकम अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बांटी जाती थी। इस खुलासे ने पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।