टीआरपी डेस्क। UP SIR : उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। इस सूची से करीब 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। यूपी में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन तीन बार टलने के बाद अब किया गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ड्राफ्ट सूची की प्रतियां सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध करा दी गई हैं। उन्होंने बताया कि करीब 18 प्रतिशत मतदाताओं ने गणना प्रपत्र जमा नहीं किए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, यूपी में पहले लगभग 15 करोड़ मतदाता दर्ज थे। इनमें से 12.55 करोड़ मतदाताओं यानी करीब 81.30 प्रतिशत ने स्वयं या परिवार के किसी सदस्य के माध्यम से गणना प्रपत्र पर हस्ताक्षर कर उसे जमा किया। जिन मतदाताओं ने फॉर्म नहीं भरे, उसके पीछे कई कारण सामने आए।
आंकड़ों के मुताबिक 46.23 लाख मतदाता मृत पाए गए, जो कुल का लगभग 2.99 प्रतिशत है। वहीं 2.17 करोड़ मतदाता अनुपस्थित मिले या राज्य से बाहर शिफ्ट हो चुके थे, जो करीब 14.06 प्रतिशत है। इसके अलावा 25.47 लाख मतदाता एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए, जो 1.65 प्रतिशत के करीब है। इन्हीं कारणों से कुल 2.89 करोड़ नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं। अब ड्राफ्ट के अनुसार यूपी में मतदाताओं की संख्या घटकर लगभग 12 करोड़ रह गई है।
चुनाव आयोग के निर्देशों का हवाला देते हुए नवदीप रिणवा ने बताया कि अब एक पोलिंग स्टेशन पर अधिकतम 1200 मतदाता ही होंगे, जबकि पहले यह संख्या करीब 1500 थी। इसी नियम के कारण कई नए पोलिंग स्टेशन बनाए गए, जिससे प्रक्रिया में अतिरिक्त समय लगा।
निर्वाचन आयोग ने 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने की अवधि तय की है। जिन मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे इस दौरान आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं। सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा 27 फरवरी तक किया जाएगा, जबकि 6 मार्च 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। चुनाव आयोग ने 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाताओं से अपील की है कि वे अपनी जानकारी जरूर जांचें। नाम न होने पर फॉर्म-6 और नाम या पते में संशोधन के लिए फॉर्म-8 भरने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।



