खैरागढ़। छुईखदान-गंडई जिले के करमतरा स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल में सुबह के वक्त स्कूल लगते ही प्रार्थना के दौरान अचानक हड़कंप मच गया, जब बच्चे एक–एक कर चक्कर खाकर जमीन पर गिरने लगे। इस दौरान पता चला कि स्कूल खुलने से पहले पहुंचे बच्चों ने स्कूल परिसर के आसपास लगे रतनजोत के पौधे का फल खा लिया था। इसके बाद कई बच्चे बीमार पड़ गए।
इन सभी बच्चों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालबांधा लाया गया, जहां इनका उपचार किया गया। डॉक्टरों के अनुसार कुछ बच्चों पर असर ज्यादा होने के कारण सिविल हॉस्पिटल खैरागढ़ लाया गया, जबकि बाकी बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
तीन बच्चों की हालत गंभीर
इस दौरान तीन बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें खैरागढ़ रेफर किया गया है। घटना की खबर फैलते ही करमतरा गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में पालक और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए, अस्पताल परिसर में दहशत और चिंता का माहौल है।
जहरीले पौधों को हटाने की मांग
इस घटना को देखते हुए स्थानीय लोगों ने स्कूल परिसर से जहरीले पौधों को तुरंत हटाने और मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
सीएमएचओ आशीष शर्मा का कहना है कि जो बच्चे रतनजोत के पौधे का फल खाकर गंभीर रूप से बीमार हुए हैं, इन बच्चों का इलाज जारी है और लगभग 19 बच्चों ने रतन बिज का फल खाया था। जिन में से 16 बच्चों का इलाज जालबांधा सीएससी में हो रहा है, वही तीन बच्चों का इलाज खैरागढ़ सिविल अस्पताल में किया जा रहा है,जिनकी हालत स्थिर है और इन्हें 24 घंटे के लिए ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।



