टीआरपी। Congress party alleges : देशभर में चल रहे मतदाता पुनरीक्षण अभियान SIR एसआईआर को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी का कहना है कि पहले आम मतदाता अपनी सरकार चुनते थे। लेकिन, अब सरकार एसआईआर के माध्यम से अपनी मर्जी से मतदाताओं को चुन रही है। अनेक क्षेत्रों में जहां कांग्रेंस के मतदाता ज्यादा है, वहां से कांग्रेसी मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। यह आरोप प्रेसवार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी के अनेक नेताओं ने लगाया है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेमन एवं ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे, पंकज शर्मा ने चेतावनी दी है कि चुनाव आयोग द्वारा जल्दबाजी में किये गये विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में तत्काल त्रुटियों पर सुधार किया जाए। अन्यथा आम जनता के साथ कांग्रेसजन सड़क की लड़ाई लडने के लिये मजबूर होंगे।
कांग्रेस के शैलेष नितिन त्रिवेदी का कहना है कि मतदाता सूची में योजनाबद्ध एवं मनमाने तरीके से बडे पैमाने पर कांग्रेस समर्थित लोगो के नाम हटा दिए गए है। रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के बूथ कमांक 38 सोनडोंगरी के बीएलए प्रकाश कुमार सिंह का नाम शिफ्टेड की सूची में डाल दिया गया है। जबकि, उनके द्वारा विधिवत फार्म भरकर सभी दस्तावेजो को संलग्न करके अपना फार्म बी.एल.ओ. को दिया था। उसके बाद भी उनका नाम हटा दिया गया है। इस तरह के अनेक उदाहरण है।
कांग्रेस का आरोप है कि जिस तरह की त्रुटियां पाई जा रही है इससे यह लगता है कि यह त्रुटिया जानबूझकर की जा रही है, यह अत्यंत निंदनीय और अस्वीकार्य है और इससे चुनाव प्रकिया की निष्पक्षता पर सवाल खडे होते है।
बिरगांव के पार्षद इकराम खान ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर के पश्चात वर्तमान जारी मतदाता सूची में बीरगांव निगम क्षेत्र के 40 वार्डों में 123 बूथ (भाग संख्या) बनाए गए हैं। बीरगांव निगम क्षेत्र में 29,200 मकान है जिसमें वर्तमान सूची अनुसार लगभग 57,084 मतदाताओं के नाम दर्ज है तथा 38000 मत्तदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं 4600 मतदाताओं को सी केटेगरी में रखकर नोटिस दिया जा रहा है।
123 बूथों की मतदाता सूची का परीक्षण करने के पश्चात् ज्ञात हुआ कि मतदाता सूची में मकान संख्या के स्थान पर वार्ड क्रमांक, मोहल्ले का नाम, व्यक्ति का नाम, धार्मिक नाम, चौक-चौराहे एवं 0 जीरो सभी 123 बूथों की मतदाता सूची में दर्ज है।
एक ही मकान संख्या में सैकड़ों नाम दर्ज है। परीक्षण के दौरान ज्ञात हुआ कि एक बूथ की मतदाता सूची में कुल 400 मतदाताओं का नाम दर्ज है लेकिन मकान नं. 1 से लेकर 1500 तक मतदाता सूची में दर्ज है। मकान संख्या के स्थान पर बीरगांव एवं रायपुर व वार्ड क्र. 51 भी लिखा हुआ है, जबकि बीरगांव नगर पालिक निगम क्षेत्र में कुल 40 वार्ड ही है। अनेकों भाग क्रमांक में मकान संख्या हजारों-लाखों में भी दर्ज किया गया है।
कांग्रेस ने तथ्यों के साथ चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर अनेक सवाल खड़े किये है। कांग्रेसजनों ने बताया किSIR के प्रारंभिक चरण में जितने पोलिंग बूथ थे उनकी संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी कर दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश के अनुसार प्रत्येक बूथ में 1000 से 1200 मतदाता होने चाहिए। छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग द्वारा दिशा-निर्देशों की अवहेलना कर प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है।
वर्तमान में जो ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई है। उसमें 160, 190, 200, 400 से लेकर 500 तक मतदाताओं की संख्या लेकर नया बूथ बना दिया गया है जो कि अव्यवहारिक है। जनता के पैसो का दुरूपयोग है। रायपुर जिले की सात विधानसभाओं का प्रति बूथ का औसत 333 मतदाता संख्या का बनाया गया है जो कि भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा जारी दिशा-निर्देश से काफी कम है। रायपुर जिले की सात विधानसभाओं का औसत इस प्रकार है।



