रायपुर। छत्तीसगढ़ में 9 से 13 जनवरी 2026 तक प्रस्तावित राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी को लेकर विवाद और गहरा गया है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खुद को भारत स्काउट गाइड की राज्य परिषद का अध्यक्ष बताते हुए जंबूरी को स्थगित करने की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है।
हाईकोर्ट में दायर याचिका में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने का प्रस्ताव असंवैधानिक है। न तो उन्हें इस संबंध में कोई पूर्व सूचना दी गई और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। पूरी प्रक्रिया एकतरफा तरीके से अपनाई जा रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि सांसद और परिषद के वैधानिक अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने 5 जनवरी को जंबूरी से संबंधित बैठक की थी। याचिका पर जल्द सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
इस पूरे मामले में असल टकराव सांसद बृजमोहन अग्रवाल और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बीच अध्यक्ष पद को लेकर है। दोनों ही खुद को स्काउट गाइड का अध्यक्ष बता रहे हैं। बृजमोहन अग्रवाल का दावा है कि आयोजन में करीब 10 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है, इसी वजह से जंबूरी को रद्द किया गया है। बता दें कि जंबूरी की आड़ में हो रहे भ्रष्टाचार का खुलासा टीआरपी ने ही किया था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि जंबूरी का आयोजन नवा रायपुर में होना तय था, लेकिन नियमों को दरकिनार कर व्यवस्था बालोद जिले में कर दी गई। याचिका में कहा गया है कि वे लंबे समय से स्काउट गाइड के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं, इसके बावजूद बिना जानकारी दिए आयोजन से जुड़े फैसले लिए जा रहे हैं, स्थान बदला जा रहा है और उन्हें पद से हटाने का प्रस्ताव लाया गया है।
विवाद की शुरुआत 13 दिसंबर 2025 को उस आदेश के बाद मानी जा रही है, जिसे स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के खेमे की ओर से मीडिया को जारी किया गया था। इस आदेश में गजेंद्र यादव को स्काउट्स एंड गाइड का पदेन अध्यक्ष मनोनीत बताया गया था। इसके बाद से आयोजन के अधिकार, जिम्मेदारी और निर्णयों को लेकर अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई।
हालांकि राज्य सरकार की ओर से जारी प्रेस नोट में स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी 9 से 13 जनवरी 2026 तक दुधली, जिला बालोद में अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएगी।



