रामानुजगंज। जिले के वाड्रफनगर विकासखंड में दो दिन पूर्व निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन की छत गिरने से कक्षा 6वीं के छात्र की दर्दनाक मौत हो गई थी। प्रारंभिक जांच में विद्यालय की प्रधान पाठक को लापरवाही का दोषी पाते हुए शिक्षा विभाग ने उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया है, जबकि तीन अन्य शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

ग्राम शारदापुर में हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन की छत (छज्जा) गिरने से कक्षा 6वीं में पढ़ने वाले छात्र की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा 8 जनवरी 2026 को दोपहर के समय उस वक्त हुआ, जब स्कूल में मध्यान्ह भोजन का अवकाश चल रहा था और बच्चे खेल रहे थे।

बताया जा रहा है कि मृतक छात्र आलोक (उम्र लगभग 11–12 वर्ष) मिडिल स्कूल खुटनपारा में अध्ययनरत था। अवकाश के दौरान वह अन्य बच्चों के साथ खेलते हुए स्कूल परिसर के पास स्थित निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन की ओर चला गया। इसी दौरान अचानक भवन का छज्जा भरभराकर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आकर आलोक गंभीर रूप से घायल हो गया और मलबे में दब गया।

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अन्य छात्रों ने घटना की जानकारी तत्काल शिक्षकों को दी। सूचना मिलते ही शिक्षक मौके पर पहुंचे, जहां आलोक मलबे में खून से लथपथ दबा हुआ मिला। शिक्षकों और ग्रामीणों की मदद से बच्चे को मलबे से बाहर निकाला गया और तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस घटना की प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि निर्माणाधीन भवन के पास बच्चों के जाने पर रोक लगाने और उनकी निगरानी में विद्यालय स्तर पर गंभीर लापरवाही बरती गई। जांच में मिडिल स्कूल खुटनपारा की प्रधान पाठक ममता गुप्ता को छात्रों पर उचित निगरानी न रखने का दोषी पाया गया।

संयुक्त संचालक शिक्षा ने इस घटना को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए प्रधान पाठक ममता गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार, विद्यालय परिसर में कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतना छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन है। इसी आधार पर उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1965 के नियम 03 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, रामचन्द्रपुर निर्धारित किया गया है और इस अवधि में वे जीवन निर्वाह भत्ते की पात्र होंगी।

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इसके साथ ही, घटना से जुड़े तीन अन्य शिक्षकों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक सावधानी क्यों नहीं बरती गई।