टीआरपी डेस्क। भारतीय रेलवे देश में पहली बार Vande Bharat Sleeper Express शुरू करने जा रहा है। इस नई ट्रेन के टिकट और यात्रा से जुड़े नियम रेलवे बोर्ड ने अधिसूचना के जरिए स्पष्ट कर दिए हैं।
रेल मंत्रालय के वित्त निदेशालय की सहमति के बाद रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर (पैसेंजर मार्केटिंग कोऑर्डिनेशन) प्रवीण कुमार ने किराया ढांचे से संबंधित निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार, वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में टिकट लेते समय किराए पर जीएसटी अलग से देना होगा। न्यूनतम किराया 400 किलोमीटर की दूरी के हिसाब से वसूला जाएगा, भले ही यात्री की यात्रा इससे कम दूरी की हो।
वेटिंग और RAC नहीं, सिर्फ कन्फर्म टिकट
इस ट्रेन में केवल कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे। न तो वेटिंग लिस्ट होगी और न ही RAC की सुविधा। यानी बर्थ या सीट कन्फर्म होने पर ही टिकट मिलेगा। बुकिंग खुलते ही सभी उपलब्ध बर्थ सिस्टम में दिखाई देंगी।
ट्रेन में सीमित कोटे लागू होंगे। इनमें महिला कोटा, दिव्यांगजन कोटा, वरिष्ठ नागरिक कोटा और रेलवे कर्मचारियों के लिए ड्यूटी पास शामिल हैं। इनके अलावा कोई अन्य कोटा मान्य नहीं होगा। टिकट केवल पूरी तरह रिफंड योग्य पास या वारंट पर ही जारी किए जाएंगे।
डिजिटल पेमेंट पर मिलेगा रिफंड
रेलवे ने टिकट भुगतान के लिए डिजिटल माध्यम को प्राथमिकता देने को कहा है। टिकट रद्द होने की स्थिति में डिजिटल भुगतान करने पर 24 घंटे के भीतर रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। काउंटर पर भी डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाएगा, हालांकि विशेष परिस्थितियों में सामान्य नियम लागू होंगे।
बर्थ आवंटन में इन्हें प्राथमिकता
बर्थ आवंटन के दौरान यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखा जाएगा। छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को, यदि उपलब्ध हुआ, तो लोअर बर्थ दी जाएगी। इसके अलावा 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुषों और 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को भी संभव होने पर लोअर बर्थ देने का प्रयास किया जाएगा।
रेलवे के मुताबिक, वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में यात्रियों को कन्फर्म बर्थ, सीमित लेकिन स्पष्ट नियम और आधुनिक सुविधाओं के साथ आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।


