धमतरी | खुद को विधवाबताकर महतारी वंदन योजना का लाभ लेने वाले महिला के खिलाफ पति ने FIR दर्ज करने की मांग कलेक्टर से की है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोरर कांकेर के स्वास्थ्य कर्मचारी राजेंद्र सिन्हा ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन कर कहा है कि टिकरापारा निवासी उनकी पत्नी विगत 12-13 साल से अपने मायके में रह रही है। इसके बावजूद उसने महतारी वंदन योजना के तहत खुद को विधवा दर्शाकर लाभ प्राप्त किया है।

योजना के आवेदन पत्र में दी गलत जानकारी

महतारी वंदन योजना के आवेदन एवं शपथ पत्र में पूछे गए सवाल, परिवार का कोई सदस्य भारत सरकार एवं राज्य सरकार के शासकीय विभाग के उपक्रम, स्थानीय निकाय के स्थाई, अस्थाई, संविदा पदों पर कार्यरत अधिकारी कर्मचारी में नहीं पर राईट चिन्ह दर्शाया है। वहीं आवेदन के संलग्न दस्तावेज में विधवा होने की स्थिति में पति के मृत्यु प्रमाण पत्र पर राईट का चिन्ह दर्शाकर महतारी वंदना योजना का लाभ ले रही है।

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इधर कुटुंब न्यायालय में पति के खिलाफ भरण पोषण का केस

गजेंद्र सिन्हा ने कलेक्टर के नाम आवेदन में कहा है कि उनकी पत्नी कुटुंब न्यायालय में पति को जीवित बताकर भरण पोषण का दावा कर रही है। वहीं दूसरी ओर स्वयं को विधवा बताकर न्यायालय और शासन को गुमराह कर रही है। उसने झूठे शपथ पत्र के आधार पर शासन की योजना का लाभ प्राप्त किया है। इस विरोधाभाष एवं कपटपूर्ण आचरण को लेकर कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है।

राजेंद्र ने झूठा शपथ पत्र देकर महतारी वंदना योजना का लाभ लेने वाली के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग कलेक्टर से की है।

इस मामले के सामने आने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर जांच की संभावना जताई जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो महिला से योजना की राशि वसूली के साथ-साथ आपराधिक कार्रवाई भी हो सकती है।