टीआरपी। Chingri Nala : राजधानी में चिंगरी नाले की समस्या से आसपास के हजारों लोग परेशान हैं। चिंगरी नाला बनवाने के लिए एक वर्ष पूर्व 11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। लेकिन, आज तक वह प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो सका। केवल, नाले की सफाई करवाकर खानापूर्ति की जा रही है। यह आरोप नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने लगाया है।

नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी सोमवार को चिंगरी नाला पहुंचे और नाले की वास्तविक स्थिति जानीं। निरीक्षण के दौरान देखा कि नाला निर्माण कराने की बजाय केवल कचरा साफ करवाया जा रहा था। चिंगरी नाले की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। जबकि, राज्य शासन को दिसंबर 2024 को डीपीआर तैयार कर प्रताव भेजा जा चुका है। इसके बाद 11 मार्च 2025 को पुनः आयुक्त को 11 करोड़ के प्रस्ताव की स्वीकृति के लिए पत्र भेजा गया। लेकिन, प्रस्ताव को पारित नहीं कराया जा सका। नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि ट्रिपल इंजन की सरकार की महापौर होकर भी मीनल चौबे प्रस्ताव पारित नहीं करवा पा रही हैं ।

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निगम के नेता प्रतिपक्ष तिवारी ने कहा कि राजधानीवासियों को पीने का स्वच्छ पानी और सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने विभागीय सचिव सहित सूडा अधिकारियों एवं नगर निगम आयुक्त के साथ विधायक, महापौर सहित 1 माह पूर्व दौरा किया था। महापौर मीनल चौबे ने भी चिंगरी नाले का दौरा किया था। उस दौरे के बाद केवल नाले के ऊपरी कचरे को हटाया जा रहा है। स्थाई समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। नाले के दीवार की ऊंचाई बढ़वा कर डाइवर्ट कर स्थायी समाधान करवाना नगर निगम की जिम्मेदारी है।