टीआरपी डेस्क। नौकरीपेशा लोगों के लिए राहत की खबर है। अगर अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए, तो अब प्रोविडेंट फंड (PF) से पैसा निकालना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। कर्मचारियों की परेशानियों को देखते हुए ईपीएफओ ने निकासी की प्रक्रिया को सरल कर दिया है।
पहले पीएफ निकालने के लिए करीब 13 अलग-अलग नियम लागू थे। अब ईपीएफओ ने इन सभी को एक साथ जोड़ दिया है। नए नियमों के तहत यदि आपकी नौकरी 12 महीने पुरानी हो चुकी है, तो आप पूरा पीएफ अमाउंट निकाल सकते हैं। पहले अलग-अलग कारणों के लिए अलग-अलग समय सीमा तय थी, जिससे प्रक्रिया जटिल हो जाती थी।
किन आधारों पर निकाल सकते हैं PF का पैसा?
इमरजेंसी की स्थिति में पीएफ से निकासी की सुविधा पहले से तय है। पढ़ाई के लिए आप पूरी नौकरी के दौरान 10 बार तक पैसा निकाल सकते हैं। अपनी, भाई-बहन या बच्चों की शादी के लिए 5 बार तक पीएफ से रकम ली जा सकती है। वहीं, खुद या परिवार के किसी सदस्य के इलाज के लिए साल में 3 बार तक निकासी की अनुमति है।
PF से क्या होता है फायदा?
पीएफ को भविष्य के लिए सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। रिटायरमेंट के बाद नियमित आय की चिंता कम करने में यह बड़ी भूमिका निभाता है। फिलहाल पीएफ पर करीब 8.25 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है। अगर पैसा निकाला न जाए, तो कंपाउंडिंग के जरिए यही रकम कुछ सालों में अच्छी-खासी पूंजी बन सकती है।
PF अकाउंट में कब मिलता है ब्याज?
ईपीएफ अकाउंट में सैलरी से जमा होने वाली रकम पर सालाना ब्याज मिलता है। अगर सरकार किसी साल ब्याज दर में बदलाव करती है, तो उसी के अनुसार जमा फंड पर ब्याज की गणना कर अकाउंट में क्रेडिट किया जाता है।
हालांकि ब्याज की गणना हर महीने होती है, लेकिन इसे खाते में साल में एक बार ही जोड़ा जाता है। आमतौर पर ईपीएफओ वित्तीय वर्ष के अंत में यह ब्याज पीएफ अकाउंट में क्रेडिट कर देता है।



