कोरबा। भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर की शिकायत पर कोई कार्रवाई न होने पर केंद्र द्वारा शासन को पुनः स्मरण पत्र भेजा गया है। यह मामला दर्री के ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक परसाभाठा, बालको तक की सड़क निर्माण हेतु डीएमएफ फंड से कार्य स्वीकृत करने का है, जिस पर ननकीराम कंवर ने आपत्ति की है।

कंवर का कहना है कि इस सड़क का निर्माण बालको के CSR के फंड से होना चाहिए, मगर इस संबंध में केंद्र से शिकायत और जांच के निर्देश के बावजूद DMF से लगभग 26 करोड रुपए स्वीकृत कर टेंडर की प्रक्रिया जारी कर दी गई। केंद्र सरकार ने ननकी राम कंवर के दोबारा लिखे गए पत्र पर संज्ञान लेकर मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, विकासशील को पत्र लिखकर नाराजगी जाहिर करते हुए इस संबंध में जवाब व कार्रवाई चाही है और की गई कार्रवाई से आवेदक को भी अवगत कराने को निर्देशित किया है।

See also  DMF में 12 सौ करोड़ के घोटाले पर शासन ने कोर्ट में प्रस्तुत किया जवाब, CBI जांच की मांग की है याचियों ने

जानें पूरा मामला

दरअसल यह पूरा मामला पूर्व में बालको द्वारा निर्मित सड़क को जिला प्रशासन द्वारा DMF के फंड से जीर्णोद्धार कराने से जुड़ा है। ननकी राम कंवर के द्वारा दिनांक 02/08/2025 को प्रधानमंत्री एवं कोयला एवं खान मंत्री भारत सरकार नई दिल्ली को लिखित शिकायत दिया गया था। जिसमें कहा गया है कि बालको कंपनी के द्वारा निर्मित सड़क दर्री डेम से परसाभाटा बालको तक की सड़क निर्माण कार्य को बालको कंपनी को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से जिला खनिज संस्थान न्यास मद से स्वीकृत कर खनिज न्यास मद के राशि का दुरूपयोग कर भ्रष्टाचार करने की नीयत से स्वीकृत किया गया है। इस संदर्भ में मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन को 18 अगस्त 2025 को भारत सरकार द्वारा नोटिस जारी किया गया एवं 24 नवंबर 2025 को मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ सरकार को पुन: नोटिस जारी हुआ है। इसके बावजूद उक्त निर्माण कार्य में रूचि लेकर कार्य को कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा स्थानांतरण के पूर्व ही टेंडर प्रक्रिया में डलवा दिया गया। और इसका टेंडर भी जारी कर दिया गया है।

See also  CG News: छत्तीसगढ़ में जारी होगा सीएम हेल्पलाइन नंबर, समय सीमा पर समाधान नहीं हुआ तो अफसर जिम्मेदार

गौरतलब है कि भारत सरकार द्वारा पूर्व में ही उपरोक्त निर्माण कार्य के संबंध में जांच करने हेतु निर्देश दिया जा चुका है। इस तरह भारत सरकार के आदेश/ निर्देश की अवहेलना जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा किया जाना स्पष्ट प्रतीत हो रहा है।

ननकी राम कंवर ने इस संबंध में अपेक्षा जाहिर करते हुए केंद्र सरकार के द्वारा जारी किए गए पत्रों को ध्यान में रखते हुए उपरोक्त  टेंडर को तत्काल निरस्त करने हेतु निर्देश देने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा गया कि उपरोक्त सड़क को बालको कंपनी के राशि से निर्मित कराया जावे, ना कि जिला खनिज संस्थान न्यास मद से। उपरोक्त संदर्भित आदेश के बावजूद टेंडर जारी कराने में रूचि रखने वाले अधिकारियो के विरुद्ध तत्काल कार्यवाही करने के संबंध में पत्र लिखा गया है। ननकी राम कंवर के इसी पत्र पर अवर सचिव भारत सरकार खान मंत्रालय के द्वारा 13 जनवरी 2026 को विकासशील, मुख्य सचिव को पुन: अनुरोध किया गया है कि एमएमडीआर एक्ट PMKKKY गाइडलाइंस के प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई करें एवं की गई कार्यवाही से प्रार्थी एवं इस मंत्रालय को शीघ्रता शीघ्र अवगत कराएं। अब देखना होगा कि राज्य सरकार टेंडर की प्रक्रिया निरस्त करती है या फिर केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों तथा DMF के गाइड लाइन की अवहेलना करती है।

See also  CG High Court: एक ही मामले में नहीं चलेगा आपराधिक केस और विभागीय जांच