टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ में ठंड का असर लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के क्षेत्रों में अगले 24 घंटे तक शीतलहर चलने की संभावना है। हालांकि राहत की बात यह है कि आगामी तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। दिन के तापमान में फिलहाल किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ। सरगुजा, रायपुर और दुर्ग संभाग के कुछ हिस्सों में शीतलहर का असर देखने को मिला। दिन के समय तेज धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत भी मिली।
मौसम विभाग के अनुसार इस समय पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो अफगानिस्तान और आसपास के इलाकों से उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। ऊपरी वायुमंडल में तेज पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, जो ठंडी हवा को मध्य भारत तक पहुंचा रही हैं। उत्तर भारत से आने वाली इन्हीं ठंडी हवाओं के कारण छत्तीसगढ़ में रात और सुबह के समय अधिक ठंड महसूस हो रही है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे-जैसे यह सिस्टम कमजोर पड़ेगा, ठंड का प्रभाव धीरे-धीरे कम होगा और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
पिछले दिनों पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में ठंड बढ़ी थी। पश्चिमी विक्षोभ हिमालय और उत्तर भारत से ठंडी हवाओं को नीचे की ओर धकेलता है, जबकि तेज जेट स्ट्रीम इन हवाओं को तेजी से मध्य भारत की ओर बढ़ा देती है। इसके कारण रात का तापमान तेजी से गिरता है और सुबह-शाम ठंड ज्यादा महसूस होती है। यही वजह है कि कई इलाकों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है।



