टीआरपी डेस्क। भारत के लिए ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल (Saina Nehwal) ने बैडमिंटन से संन्यास लेने की औपचारिक घोषणा कर दी है। वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन करने वाली साइना ने स्वास्थ्य कारणों को अपने फैसले की वजह बताया है।
साइना ने स्पष्ट किया कि लंबे समय से चली आ रही घुटनों की गंभीर समस्या अब उस स्तर पर पहुंच गई है, जहां शीर्ष स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना संभव नहीं रह गया। उन्होंने बताया कि उनके घुटनों का कार्टिलेज पूरी तरह खराब हो चुका है और वे अर्थराइटिस से पीड़ित हैं। उनके अनुसार, विश्व स्तरीय खिलाड़ी बने रहने के लिए रोजाना कई घंटों की कठिन ट्रेनिंग जरूरी होती है, लेकिन उनकी स्थिति ऐसी हो गई थी कि एक-दो घंटे अभ्यास करने के बाद ही घुटनों में सूजन और दर्द शुरू हो जाता था।
शरीर अब साथ नहीं दे पा रहा– Saina Nehwal
अपने फैसले को लेकर साइना ने कहा कि उन्होंने काफी समय पहले ही अपने परिवार और कोच से इस बारे में साफ बातचीत कर ली थी। उन्होंने महसूस किया कि शरीर अब उस संघर्ष का साथ नहीं दे पा रहा, जिसकी मांग अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन करता है। ऐसे में करियर को जबरन आगे खींचना सही नहीं था।
संन्यास की घोषणा भले ही अब हुई हो, लेकिन साइना पिछले दो वर्षों से प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन से दूर थीं। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट 2023 का सिंगापुर ओपन था। उन्होंने बताया कि उन्होंने जानबूझकर कोई औपचारिक विदाई कार्यक्रम नहीं रखा। उनका मानना था कि जैसे उन्होंने अपने दम पर करियर की शुरुआत की, वैसे ही उसे अपनी शर्तों पर समाप्त करना चाहती थीं। उन्हें लगा कि समय के साथ लोग खुद समझ जाएंगे कि वे अब कोर्ट पर नजर नहीं आएंगी।
साइना नेहवाल के करियर में 2016 का रियो ओलंपिक एक अहम मोड़ साबित हुआ। उसी दौरान लगी घुटने की चोट ने उनके करियर को गहरा झटका दिया। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और जबरदस्त जज्बे के साथ वापसी की। 2017 की विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक और 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि वे बड़े मुकाबलों की खिलाड़ी हैं।



