टीआरपी डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का विमान दावोस जाते समय टेकऑफ के कुछ देर बाद ही वॉशिंगटन लौट आया। व्हाइट हाउस के अनुसार विमान में तकनीकी खराबी सामने आई थी, जिसके चलते एहतियातन यह फैसला लिया गया।

व्हाइट हाउस के मुताबिक, उड़ान भरने के बाद क्रू को विमान में मामूली इलेक्ट्रिकल खराबी का पता चला। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विमान को वापस लाने का फैसला किया गया। हालांकि कुछ समय बाद राष्ट्रपति ट्रम्प दूसरे विमान से रवाना हो गए।

राष्ट्रपति ट्रम्प आज स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में शामिल होंगे। वे वहां विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर अपना पक्ष रखेंगे।

बताया गया है कि ट्रम्प की आधिकारिक यात्राओं के लिए वर्तमान में बोइंग 747-200B विमान को एयर फोर्स वन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इस श्रेणी के दो विमान करीब चार दशक पुराने हैं। अमेरिकी विमान निर्माता बोइंग इनके नए विकल्प तैयार कर रहा है, लेकिन परियोजना में लगातार देरी हो रही है।

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पिछले वर्ष कतर के शाही परिवार द्वारा दिए गए बोइंग 747-8 जंबो जेट को भी एयर फोर्स वन बेड़े में शामिल किया जाना है। फिलहाल इस विमान को सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

इसी बीच राष्ट्रपति ट्रम्प बुधवार शाम करीब 7 बजे ग्रीनलैंड के भविष्य से जुड़े एजेंडे पर दुनिया को संबोधित करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह भाषण वैश्विक राजनीतिक तनाव, व्यापार युद्ध और सुरक्षा चुनौतियों के बीच हो रहा है, ऐसे में दावोस में ट्रम्प की मौजूदगी और उनके बयानों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की खास नजर बनी हुई है। डोनाल्ड ट्रम्प WEF में भाषण के बाद एक उच्चस्तरीय विशेष कार्यक्रम की मेजबानी भी करेंगे, जिसमें भारत के सात प्रमुख उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है।

बोइंग 747-200B की खासियत

अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान एयर फोर्स वन के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले बोइंग 747-200B की विशेषताएं एक बार फिर चर्चा में हैं। यह विमान न सिर्फ अपनी क्षमता और रफ्तार के लिए जाना जाता है, बल्कि अत्याधुनिक सुरक्षा और सुविधाओं से भी लैस है।

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बोइंग 747-200B की अधिकतम गति 0.92 मैक है, जो लगभग 1100 किलोमीटर प्रति घंटे के बराबर है। इसमें चार जनरल इलेक्ट्रिक CF6-80C2B1 टर्बोफैन इंजन लगे हैं, जो इसे लंबी दूरी तक उड़ान भरने में सक्षम बनाते हैं।

सुरक्षा के लिहाज से यह विमान बेहद मजबूत माना जाता है। इसमें मिसाइल डिफेंस सिस्टम मौजूद है, जो इंफ्रारेड और रडार-गाइडेड मिसाइलों से बचाव के लिए फ्लेयर और जैमर सिस्टम का उपयोग करता है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक काउंटर मेजर्स की तकनीक भी लगी है, जिससे रडार आधारित खतरों से निपटा जा सके।

विमान की संरचना भी खास है। इसमें बुलेटप्रूफ खिड़कियां और हमलों से बचाव के लिए मजबूत बाहरी परत दी गई है। फ्लाइंग क्षमता की बात करें तो यह विमान बिना रीफ्यूलिंग के करीब 12,600 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है। साथ ही हवा में ही ईंधन भरने की सुविधा भी मौजूद है, जिससे इसकी रेंज और बढ़ जाती है।

बोइंग 747-200B में राष्ट्रपति के लिए विशेष सुइट तैयार किया गया है, जिसमें बेडरूम, बाथरूम और निजी कार्यालय शामिल हैं। इसके अलावा सुरक्षित संचार के लिए अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम भी है, जहां उच्चस्तरीय बैठकें की जा सकती हैं।

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विमान में लगभग 100 लोगों के लिए भोजन तैयार करने की क्षमता वाला किचन मौजूद है। वहीं मेडिकल रूम में इमरजेंसी सर्जरी के लिए ऑपरेटिंग टेबल, दवाइयों और प्रेस के लिए अलग-अलग जगह की व्यवस्था की गई है।

कुल मिलाकर बोइंग 747-200B न सिर्फ एक विमान है, बल्कि उड़ता हुआ कमांड सेंटर है, जो किसी भी आपात स्थिति में राष्ट्रपति और उनके दल की सुरक्षा, संचार और संचालन को सुनिश्चित करता है।