टीआरपी डेस्क। रायपुर जिले में नववर्ष 2025-26 के मौके पर शराब से जुड़ी पार्टियों की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस बार सिर्फ 14 एक दिवसीय FL-5/FL-5 (क) लाइसेंस जारी किए गए, जबकि पिछले वर्षों में यह संख्या कहीं अधिक रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2023-24 में कुल 42 लाइसेंस जारी हुए थे, जिसमें 6 एफ.एल.5 और 36 एफ.एल.5 (क) शामिल थे। 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 47 पहुंच गई थी लेकिन 2025-26 में सीधे गिरकर 14 रह गई, जिसमें एफ.एल.5 और एफ.एल.5 (क) दोनों ही श्रेणियों में सिर्फ 14-14 लाइसेंस जारी हुए। बता दें कि एफ.एल.5 और एफ.एल.5 (क) दोनों लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया था।

आबकारी विभाग का कहना है कि लाइसेंस में कमी के पीछे कई कारण हैं। नए आबकारी वर्ष में लाइसेंस फीस में बढ़ोतरी की गई है, जिससे एक दिवसीय लाइसेंस लेना पहले की तुलना में महंगा हो गया है। वहीं, बीते वर्षों में जिन संस्थानों ने एक दिवसीय लाइसेंस लिया था, उनमें से कई अब बार लाइसेंसधारी बन चुके हैं, जैसे शिमर्स, एल्सवेयर, हाईपर, रास्ता, रेवेल किचन, कोपायको, कोया, मुहरत रिसॉर्ट आदि। इससे अस्थायी लाइसेंस की मांग घट गई।

इसके अलावा नियमों में बदलाव के तहत अब एफ.एल.5 और एफ.एल.5 (क) दोनों लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है, जबकि पहले ऐसी बाध्यता नहीं थी। बता दे कि नववर्ष समारोह के लिए एफ.एल.5 लाइसेंस की फीस 60 हजार रुपये और एफ.एल.5 (क) की 30 हजार रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई थी। विभाग के अनुसार इन शर्तों और बढ़ी हुई लागत का सीधा असर यह हुआ कि नए साल के जश्न में शराब पार्टियों की संख्या सिमटकर रह गई।


