टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सेक्स सीडी कांड में रायपुर सत्र न्यायालय द्वारा दोबारा ट्रायल शुरू करने के आदेश के बाद सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस फैसले को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इस मामले पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि इस मामले में राजनीति होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि न्यायालय का आदेश आ चुका है और अब काफी समय बीत चुका है। छत्तीसगढ़ में यह मामला एक नजीर बनना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

एसआईआर मामले और नेता प्रतिपक्ष पर निशाना नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत द्वारा एसआईआर प्रकरण में लिखे गए पत्र पर अजय चंद्राकर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का काम अब केवल पत्र लिखने तक सीमित रह गया है। चंद्राकर ने तंज कसा कि पत्र लिखकर चर्चा में बने रहना सबसे आसान काम है। उन्होंने भाजपा के दबाव में नाम कटवाने के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ये सब केवल अनुमान हैं और नेता प्रतिपक्ष सुर्खियों में रहने के लिए ऐसे प्रयास कर रहे हैं।

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कांग्रेस की दिल्ली बैठक और प्रदेश अध्यक्ष की रेस कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर दिल्ली में हो रही बैठकों पर भी अजय चंद्राकर ने हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल किसी भी स्थिति में दीपक बैज को दोबारा अध्यक्ष नहीं बनने देंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस में भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव ही प्रमुख चेहरा हैं। कांग्रेस की बैठकों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि वहां पहले भी ढाई-ढाई साल का नाटक चलता रहा है और अब भी स्थिति वैसी ही है।

कांग्रेस द्वारा धान खरीदी की तारीख आगे बढ़ाने की मांग पर चंद्राकर ने कहा कि इस विषय पर कांग्रेस नेताओं के बीच आपसी सहमति नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या अब धान खरीदी का फैसला भी एआईसीसी करेगी? उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार कांग्रेस की मांगों के अनुरूप नहीं बल्कि तय नियमों के अनुसार कार्य करेगी।

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