टीआरपी। dongargarh-bamleshwari-temple-prasad-yojana : छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल डोंगरगढ़ में माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर के कायाकल्प की तैयारी अंतिम चरण में है। केंद्र सरकार की प्रसाद (PRASAD) योजना के तहत यहाँ 48 करोड़ 43 लाख रुपये की लागत से विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें सबसे बड़ा आकर्षण श्रीयंत्र के आकार में बन रहा विशाल पर्यटक सुविधा केंद्र है।
यह परियोजना डोंगरगढ़ को राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी। 9.5 एकड़ में फैला सुविधा केंद्र न केवल श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
श्रीयंत्र की आकृति वाला अनूठा केंद्र
इस परियोजना का सबसे खास हिस्सा 9.5 एकड़ में फैला भव्य पर्यटक सुविधा केंद्र है। इस केंद्र को श्रीयंत्र की पवित्र आकृति में डिजाइन किया गया है। इसके भीतर:
- ध्यान केंद्र और सत्संग कक्ष।
- श्रद्धालुओं के रुकने के लिए विश्राम कक्ष और प्रसाद कक्ष।
- एक भव्य सांस्कृतिक मंच और क्लॉक रूम।
- आधुनिक लैंडस्केपिंग और सोलर लाइटिंग की व्यवस्था। वर्तमान में इसका निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है, केवल फिनिशिंग का काम शेष है।
माँ बम्लेश्वरी पहाड़ी और प्रज्ञागिरि का नवीनीकरण
परियोजना के तहत केवल नीचे का परिसर ही नहीं, बल्कि ऊपर मंदिर की पहाड़ी का भी जीर्णोद्धार किया गया है। सीढ़ियों पर नए शेड, रेलिंग, पेयजल और प्रकाशीकरण की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पहाड़ी के नीचे स्थित तालाब का सौंदर्यीकरण कर वहां पार्किंग और दुकानों (Shops) का निर्माण कराया गया है।
प्रज्ञागिरि परिसर में भी ध्यान केंद्र, कैफेटेरिया और पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे बौद्ध अनुयायियों और अन्य पर्यटकों को भी बेहतर अनुभव मिलेगा।
- कुल बजट: 48 करोड़ 43 लाख रुपये।
- प्रमुख एजेंसी: पर्यटन मंत्रालय (भारत सरकार) एवं पर्यटन विभाग (छत्तीसगढ़)।
- सुविधा केंद्र का क्षेत्रफल: 9.5 एकड़।
- विशेष डिजाइन: आध्यात्मिक प्रतीक श्रीयंत्र पर आधारित।
आगे क्या होगा? फिनिशिंग का काम पूरा होते ही इस भव्य केंद्र का लोकार्पण किया जाएगा। इसके बाद डोंगरगढ़ में नवरात्र और अन्य त्यौहारों के दौरान लाखों की भीड़ को नियंत्रित करना और उन्हें सुविधाएं देना प्रशासन के लिए काफी आसान हो जाएगा।



