टीआरपी डेस्क। अक्सर हम पेट फूलने, गैस, खट्टी डकार या एसिडिटी को मामूली समझकर घरेलू नुस्खों या पुदीने की गोलियों से दबा देते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये समस्याएं बार-बार हो रही हैं, तो यह शरीर के भीतर पनप रही किसी बड़ी बीमारी का अलार्म हो सकता है।
छत्तीसगढ़ में खान-पान की बदलती आदतों और लाइफस्टाइल के कारण गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल समस्याओं के मामले तेजी से बढ़े हैं। रायपुर और दुर्ग जैसे बड़े शहरों के अस्पतालों में पेट की खराबी की आड़ में लिवर, पैंक्रियाज और कैंसर के शुरुआती लक्षण पाए जा रहे हैं, जिन्हें मरीज अक्सर सामान्य बदहजमी समझकर टाल देते हैं।
जब पेट न हो साफ, तो हो जाएं सावधान
पेट का बार-बार ‘स्ट्राइक मोड’ पर चले जाना यानी थोड़े से खाने के बाद भी भारीपन महसूस होना, आंतों की गंभीर स्थिति की ओर इशारा करता है। इन लक्षणों को गंभीरता से लेना भविष्य की बड़ी मुसीबतों से बचा सकता है।
इन 5 बीमारियों का संकेत हो सकते हैं पेट के रोग
1. फैटी लिवर का खतरा
अगर आपका पेट हमेशा भरा-भरा लगता है, भूख मर गई है और लगातार डकारें आती हैं, तो यह फैटी लिवर का शुरुआती संकेत हो सकता है। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में यह समस्या अब आम होती जा रही है।
2. पैंक्रियाटिक डैमेज के लक्षण
ज्यादा गैस बनना, ऑयली स्टूल (मल का फ्लश न होना), बिना वजह वजन कम होना और खाने के बाद पेट के ऊपरी हिस्से या पीठ में दर्द रहना पैंक्रियाज में खराबी के लक्षण हैं। इसे नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है।
3. महिलाओं में ओवेरियन कैंसर
महिलाओं के लिए पेट का निचला हिस्सा संवेदनशील होता है। यदि पेट में लगातार भारीपन या पेल्विक एरिया में दर्द बना रहता है, तो यह ओवेरियन कैंसर का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत गाइनेकोलॉजिस्ट से परामर्श लें।
4. हार्ट डिसीज़ और डायबिटीज
चौंकाने वाली बात यह है कि बार-बार पेट फूलना और उल्टी जैसा लगना हृदय रोगों का भी लक्षण है। खासकर डायबिटीज के मरीजों को सावधान रहना चाहिए, क्योंकि उनमें हार्ट अटैक के साइलेंट लक्षण अक्सर पेट की खराबी के रूप में ही सामने आते हैं।
5. पेट का कैंसर
बहुत कम खाना खाने पर भी पेट का बुरी तरह भर जाना और पाचन क्रिया का पूरी तरह ठप हो जाना पेट के कैंसर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।


