CG RERA Empanelled Banks List 2026.

टीआरपी।

छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (RERA) ने राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 14 बैंकों को अंतिम पैनल (Final Empanelment) में शामिल किया है। अब रेरा के अंतर्गत पंजीकृत सभी परियोजनाओं के पृथक खाते (Separate Accounts) केवल इन्हीं सूचीबद्ध बैंकों में संचालित किए जा सकेंगे।

यह फैसला छत्तीसगढ़ के घर खरीदारों (Home Buyers) के हितों की सुरक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगा। प्रोजेक्ट के पैसों का दुरुपयोग रोकने और निर्माण कार्य समय पर पूरा हो, यह सुनिश्चित करने के लिए बैंकों की निगरानी अब पहले से कहीं अधिक सख्त और पारदर्शी होगी।

इन 14 बैंकों को मिला फाइनल एम्पैनलमेंट

रेरा अधिनियम, 2016 के प्रभावी अनुपालन के लिए प्राधिकरण ने पहले 17 बैंकों को अस्थायी सूची में रखा था, जिनमें से मापदंडों को पूरा करने वाले निम्नलिखित 14 बैंकों को अब अंतिम रूप से चुन लिया गया है:

  1. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)
  2. पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
  3. बैंक ऑफ बड़ौदा
  4. केनरा बैंक
  5. इंडियन बैंक
  6. यूको बैंक
  7. छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक
  8. एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक
  9. डीसीबी बैंक
  10. फेडरल बैंक
  11. इंडियन ओवरसीज बैंक
  12. कर्नाटक बैंक
  13. पंजाब एवं सिंध बैंक
  14. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (नोट: प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर सूची अपडेटेड है)।
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वित्तीय अनुशासन पर जोर

छत्तीसगढ़ रेरा के अध्यक्ष संजय शुक्ला ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य निधियों (Funds) के उपयोग में पारदर्शिता लाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंकों के इस पैनल से परियोजना खातों की निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ होगी, जिससे निवेशकों और आम जनता का भरोसा रियल एस्टेट क्षेत्र में बढ़ेगा।

  • कुल फाइनल बैंक: 14 बैंक।
  • पुरानी स्थिति: 03 अप्रैल 2025 को 17 बैंकों को अस्थायी पैनल में लिया गया था।
  • मुख्य उद्देश्य: रियल एस्टेट परियोजनाओं में वित्तीय हेराफेरी को रोकना।
  • लाभार्थी: छत्तीसगढ़ के हज़ारों घर खरीदार और निवेशक।

अब बिल्डरों को अपनी नई और मौजूदा परियोजनाओं के रेरा खाते इन्हीं 14 बैंकों में स्थानांतरित या संचालित करने होंगे। रेरा प्राधिकरण भविष्य में इन बैंकों के साथ मिलकर प्रोजेक्ट फंडिंग और निकासी की डिजिटल मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी शुरू कर सकता है।