टीआरपी। छत्तीसगढ़ की पवित्र तीर्थ नगरी राजिम में आयोजित कुंभ कल्प मेला अब अंतरराष्ट्रीय आकर्षण का केंद्र बन गया है। शुक्रवार को इटली के तुष्कानी राज्य के सेयना नगर से तीन पर्यटक राजिम पहुंचे, जिन्होंने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के साथ ही यहाँ की आध्यात्मिक भव्यता की सराहना की।
राजिम कुंभ में विदेशी पर्यटकों का आगमन छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक बड़ी उपलब्धि है। इससे न केवल स्थानीय हस्तशिल्प और व्यापार को वैश्विक पहचान मिल रही है, बल्कि सनातन संस्कृति और छत्तीसगढ़ी आतिथ्य का संदेश भी दुनिया भर में जा रहा है।
इटली से पहुंचे मेहमान, भक्ति भाव में डूबे
इटली से आए लाऊडियो, मोनिका और रुसाना, जो वहां के स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त हैं, विशेष रूप से कुंभ मेला और महाशिवरात्रि का अनुभव लेने भारत आए हैं। उन्होंने भगवान राजीवलोचन मंदिर में दर्शन-पूजन किया और मेले की जीवंतता को अपने कैमरों में कैद किया। पर्यटकों ने बताया कि उन्हें पिछले साल ही छत्तीसगढ़ के कुंभ के बारे में जानकारी मिली थी, तभी से उन्होंने यहाँ आने की योजना बना ली थी।
“मन से दिया दान ही यहाँ की विशेषता”
विदेशी मेहमानों ने निर्वाणी अखाड़ा के संतों से आशीर्वाद लिया और राजीवलोचन महाराज के पंडाल में फलाहार किया। उन्होंने यहाँ के अनुभव साझा करते हुए कहा, “राजिम बहुत सुंदर है। यहाँ के लोग बहुत सरल हैं और मंदिरों में भक्ति का अद्भुत वातावरण है। सबसे अच्छी बात यह है कि यहाँ दान के लिए कोई दबाव नहीं है; जो मन से दिया जाए, वही स्वीकार किया जाता है।”
विदेशियों के साथ सेल्फी की होड़
मेले में विदेशी मेहमानों को देख स्थानीय श्रद्धालुओं और युवाओं में भारी उत्साह देखा गया। संगम तट पर हर कोई उनके साथ सेल्फी लेने के लिए उत्सुक नजर आया। विदेशी पर्यटकों ने भी मुस्कुराते हुए स्थानीय लोगों के साथ फोटो खिंचवाई और छत्तीसगढ़ी आतिथ्य का आनंद लिया।
- पर्यटक: इटली (तुष्कानी राज्य) से 3 विशेष अतिथि।
- भ्रमण योजना: छत्तीसगढ़ में 15 दिन और दक्षिण भारत में 15 दिन का प्रवास।
- अगला पड़ाव: केशकाल घाटी, जगदलपुर, कवर्धा और शिवरीनारायण।
- विशेषता: नाइजीरिया के बाद अब इटली के पर्यटकों की आमद।
विदेशी पर्यटकों का यह दल अगले दो दिनों तक राजिम में रहकर कुंभ की विभिन्न रस्मों का अध्ययन करेगा। इसके बाद वे बस्तर (जगदलपुर) और कवर्धा के ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा करेंगे। शासन को उम्मीद है कि महाशिवरात्रि के मुख्य पर्व तक विदेशी सैलानियों की संख्या में और इजाफा होगा।


