CG News Lottery will be held on May 15 for school admission in first phase of RTE, applications of 24 thousand students approved
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रायपुर। शिक्षा के अधिकार कानून (RTE) के तहत प्राइवेट स्कूलों में जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाने के एवज में एसोसिएशन ने प्रति छात्र फीस में बढ़ाेतरी को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को पत्र लिखा है। इस पत्र में हाई कोर्ट के आदेश का हवाला भी दिया गया है। एसोसिएशन ने चेतावनी भी दी है, कि मांग पर सरकार की ओर से अनिर्णय की स्थिति में असहयोग आंदोलन चलाया जाएगा।

हाईकोर्ट में दायर की थी याचिका

दरअसल प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने गत 13 वर्षों से शिक्षा के अधिकार कानून के तहत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निजी स्कूलों को दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि को नहीं बढ़ाने को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने अपने अंतिम आदेश में 6 माह के भीतर बिलासपुर प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन की मांगों पर निर्णय लेने  का निर्देश राज्य शासन को दिया था।

प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने अपने पत्र में लिखा है कि शिक्षा के अधिकार कानून RTE के तहत स्कूलों को प्रदाय की जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि प्रति विद्यार्थी, प्रति वर्ष प्राथमिक कक्षाओं में 7000 से बढ़ाकर 18000, माध्यमिक कक्षाओं में 11,500 से बढ़ाकर 22,000 एवं हाई व हायर सेकंडरी की अधिकतम सीमा को 15,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये तक किया जाए, साथ ही ये बढ़ी हुई राशि पिछले 3 वर्षों से प्रदान की जाए।

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शिक्षा विभाग पर संवेदनहीनता का आरोप

प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने अपने पत्र में लिखा है, यह अत्यंत खेद का विषय है की गरीब विद्यार्थियों की शिक्षा पर होने वाले व्यय पर स्कूल शिक्षा विभाग संवेदनहीन है, और हाई कोर्ट के आदेश की भी अनदेखी कर रहा है। एसोसिएशन ने 19 सितंबर 2025 को जारी हाई कोर्ट के आदेश की कॉपी भी पत्र के साथ शिक्षा मंत्री व सचिव स्कूल शिक्षा विभाग को संलग्न किया है। एसोसिएशन ने पत्र के माध्यम से चेतावनी भी दी है, हाई कोर्ट के आदेश के परिपालन और एसोसिएशन द्वारा मांगी जाने वाली फीस ना मिलने व सरकार की ओर से अनिर्णय की स्थिति में एसोसिएशन असहयोग आंदोलन के लिए विवश होगा।