टीआरपी डेस्क। बांग्लादेश के 13वें आम चुनाव में तारीख रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने ऐतिहासिक बहुमत हासिल कर लिया है। इस बड़ी जीत पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से तारिक रहमान को हार्दिक बधाई दी। करीब 20 साल बाद सत्ता में वापसी कर रही BNP के लिए पीएम मोदी का यह संदेश दोनों देशों के बीच भविष्य के कूटनीतिक संबंधों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
5 अगस्त 2024 को शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से भारत और बांग्लादेश के संबंधों में ठंडापन आ गया था। बीएनपी की जीत और पीएम मोदी की इस पहल को संबंधों के ‘रीसेट’ (Reset) बटन के तौर पर देखा जा रहा है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह एक लोकतांत्रिक और समावेशी पड़ोस के पक्ष में है।
PM मोदी ने अपने संदेश में क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने तारिक रहमान के नेतृत्व की सराहना करते हुए लिखा “मैं श्री तारिक रहमान को बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में बीएनपी को निर्णायक जीत दिलाने के लिए अपनी हार्दिक बधाई देता हूं। यह जीत बांग्लादेश के लोगों द्वारा आपके नेतृत्व में रखे गए गहन विश्वास को दर्शाती है। भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में निरंतर खड़ा रहेगा। पीएम मोदी ने आगे यह भी कहा कि वे भारत-बांग्लादेश के बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने और साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए तारिक रहमान के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं।
20 साल बाद BNP का वनवास खत्म
चुनाव नतीजों (Unofficial Trends) के अनुसार, BNP और उसके सहयोगियों ने 299 में से 150 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत प्राप्त कर लिया है।
बीएनपी चेयरमैन तारिक रहमान ने ढाका-17 और बोगरा-6 दोनों सीटों से भारी मतों से जीत हासिल की है।जमात और उसके सहयोगियों ने करीब 40-45 सीटों पर जीत हासिल की है और वे अब मुख्य विपक्ष की भूमिका में नजर आ रहे हैं।
संबंधों में सुधार की नई उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि शेख हसीना के भारत में शरण लेने के बाद बांग्लादेश में भारत विरोधी भावनाएं बढ़ी थीं। कट्टरपंथी ताकतों ने हिंदुओं और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया, जिससे संबंध लगभग टूटने की कगार पर थे।
खालिदा जिया की विरासत
पीएम मोदी द्वारा पहले पूर्व पीएम खालिदा जिया के स्वास्थ्य के प्रति चिंता और अब तारिक रहमान को बधाई देना, भारत की उस ‘नेबरहुड फर्स्ट’ पॉलिसी का हिस्सा है, जहाँ वह किसी व्यक्ति विशेष के बजाय देश की लोकतांत्रिक सरकार के साथ संबंध बनाना चाहता है।


