Nipah Virus Alert in West Bengal after Nurse Death.

टीआरपी डेस्क। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में निपाह वायरस (Nipah Virus) से संक्रमित 25 वर्षीय महिला नर्स की इलाज के दौरान मौत हो गई है। हाल के समय में राज्य में निपाह वायरस से संबंधित यह पहली मौत है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे इलाके में निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है।

निपाह वायरस एक ज़ूनोटिक (जानवरों से इंसानों में फैलने वाला) संक्रमण है, जिसकी मृत्यु दर (Fatality Rate) 40% से 75% तक होती है। इस नर्स की मौत ने साबित कर दिया है कि संक्रमण निगेटिव होने के बाद भी इसके ‘कॉम्प्लीकेशंस’ जानलेवा साबित हो सकते हैं।

पिछले महीने जनवरी में बारासात के एक निजी अस्पताल में दो नर्सिंग स्टाफ—एक पुरुष और एक महिला निपाह वायरस से संक्रमित पाए गए थे। इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर जनवरी में ही डिस्चार्ज हो गए। महिला नर्स की स्थिति लगातार नाजुक बनी रही। उन्हें पहले आईसीयू (ICU) और फिर सीसीयू (CCU) में शिफ्ट किया गया था।

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इलाज के दौरान कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत


अस्पताल प्रशासन के अनुसार, महिला नर्स की निपाह रिपोर्ट बाद में निगेटिव आ गई थी, लेकिन वायरस ने उनके शरीर के अंगों को काफी नुकसान पहुंचाया था। स्थिति इतनी जटिल हो गई कि उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखना पड़ा। दोपहर करीब चार बजे उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

स्वास्थ्य मंत्रालय का रुख


स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि नर्स की मौत की प्राथमिक वजह निपाह वायरस से पैदा हुई शारीरिक जटिलताएं (Complications) थीं। हालांकि मौत के समय वे वायरस निगेटिव थीं, लेकिन संक्रमण की शुरुआत ने ही उनकी हालत बिगाड़ दी थी। विशेषज्ञों के अनुसार, निपाह वायरस मुख्य रूप से ‘फ्रूट बैट्स’ (चमगादड़) से फैलता है। तेज बुखार और सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ, मानसिक भ्रम या दौरे पड़ना, गंभीर स्थिति में एन्सेफलाइटिस (दिमाग में सूजन) जैसे लक्षण इंसान में दिखे तो वे सतर्क हो जाएं, और तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।

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विभाग ने बढ़ाई सतर्कता

इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए लोगों की लिस्ट तैयार कर उनकी कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि वे संदिग्ध लक्षणों वाले मरीजों को तुरंत आइसोलेट करें।