टीआरपी डेस्क। अमेरिका में भारतीय छात्रों के साथ हो रही अप्रिय घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कैलिफोर्निया की यूनिवर्सिटी ऑफ बर्कले से मास्टर डिग्री कर रहे 22 वर्षीय मेधावी छात्र साकेत श्रीनिवासैया का शव 6 दिनों की तलाश के बाद शनिवार (14 फरवरी) को स्थानीय पुलिस ने बरामद कर लिया। इसकी आधिकारिक पुष्टि आज, 15 फरवरी को सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय दूतावास ने की है।

पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका में भारतीय छात्रों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत या उनके लापता होने के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। साकेत की मौत ने एक बार फिर विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

साकेत को अंतिम बार 9 फरवरी को यूनिवर्सिटी कैंपस से करीब 1 किलोमीटर दूर देखा गया था। तलाशी के दौरान एक पार्क के पास स्थित घर में साकेत का बैग मिला था, जिसमें उनका पासपोर्ट और लैपटॉप सुरक्षित था। इससे उनकी गुमशुदगी और गहरी हो गई थी। शनिवार को लोकल पुलिस ने कैलिफोर्निया की लेक एंजा (Lake Anza) से साकेत का शव बरामद किया।

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साकेत श्रीनिवासैया का शैक्षणिक रिकॉर्ड अत्यंत शानदार रहा था। वे मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले थे और बेंगलुरु के श्री वाणी एजुकेशन सेंटर से स्कूली शिक्षा पूरी की थी। वर्तमान में वे कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, बर्कले से केमिकल और बायो मॉलिक्यूलर इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री कर रहे थे।

भारतीय दूतावास का बयान और एक्शन


साकेत की मौत की खबर मिलते ही सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय कॉन्सुलेट ने गहरा दुख जताया है। “हम साकेत श्रीनिवासैया के परिवार के साथ सीधे संपर्क में हैं और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन से लगातार बात की जा रही है ताकि साकेत के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत भेजा जा सके।”

छात्रों की सुरक्षा पर बढ़ती चिंता


अमेरिका में भारतीय छात्रों के लापता होने या हिंसा का शिकार होने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी साकेत के लिए जस्टिस की मांग उठ रही है। परिवार ने सरकार से अपील की है कि मौत के कारणों की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए।

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